बजट फॉर हिमाचल: 11000 करोड़ के ग्रांट की उम्मीद थी, लेकिन अनुदान में 631 करोड़ की कटौती हो गई

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बजट फॉर हिमाचल: 11000 करोड़ के ग्रांट की उम्मीद थी, लेकिन अनुदान में 631 करोड़ की कटौती हो गई

नई दिल्ली/शिमला। बीते कल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजता पेश किया गया, इस बजट में विशेष रूप से हिमाचल के लिए कुछ भी नहीं है। वहीं, बजट आने से पहले इस बात की उम्मीद लगाई गई थी कि हिमाचल प्रदेश को केंद्रीय बजट से पर्याप्त राजस्व घाटा अनुदान करीब 11 हजार करोड़ के आस पास मिल सकता है। लेकिन केंद्र सरकार ने बीते साल हिमाचल को दिए गए 11431 करोड़ में से 631 करोड़ की कटौती करते हुए प्रदेश को 10800 करोड़ रूपए दने का फैसला किया है। 

सीएम जयराम बोले- हम मैनेज कर लेंगे 

वहीं, बजट को लेकर विपक्ष द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों के बीच अनुदान में कटौती होने पर सूबे के सीएम जयराम ठाकुर का कहना है कि अगर राजस्व घाटा अनुदान करोना संकट के कारण कम भी मिलता है तो प्रदेश सरकार अपने संसाधनों से आगामी बजट का प्रबंध कर लेगी। केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को राजस्व घाटा अनुदान देकर राहत दी है।

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बता दें कि कोरोनाकाल में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की हालत खराब होने के चलते हिमाचल प्रदेश को ज्यादा राजस्व घाटा अनुदान मिलने की उम्मीद थी। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष के लिए पिछले साल पंद्रहवें वित्तायोग ने हिमाचल को बड़ी राहत दी थी। 11,431 करोड़ रूपए का ग्रांट हिमाचल प्रदेश के लिए अभूतपूर्व था, इसे साल 2019-20 की तुलना में 45 फीसदी बढ़ाया गया था। गौरतलब है कि चौदहवें वित्तायोग की ओर से पिछले कई वित्तीय वर्षों में मिले राजस्व घाटा अनुदान की बनिस्बत यह ग्रांट ज्यादा है। 

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