कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बड़ा ही हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर खाली पड़ी एक जमीन के नीचे से पुलिस ने एक शिशु का शव बरामद किया है, जिसे लगभग आज से सवा साल पहले दफनाया गया था लेकिन किसी को यहां तक कि जमीन के मालिक को भी इस बारे में पता नहीं था। जब जमीन के पास अस्पताल की पर्ची और कुछ कपड़े पड़े मिले तब जाकर इस पूरे मामले से पर्दा उठ सका। पुलिस ने बच्चे के शव के अवशेष को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

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मिली जानकारी के अनुसार यह शव कांगड़ा उपमंडल के तहत छेब में जल शक्ति विभाग कार्यालय के पास बरामद किया गया है। बतौर रिपोर्ट्स, यहां निजी जमीन में एक नवजात शिशु का शव दिसंबर 2019 में दफनाया गया था। जमीन की मालिक बबली देवी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी यह जमीन काफी वक्त से खाली पड़ी है और इस तरफ कम ही लोग आते-जाते हैं। शनिवार शाम को जब वह यहां पहुंची तो वहां कुछ कपड़े, पर्चियां और कंबल रखे हुए देखा। इसको देखने के बाद उन्होंने पंचायत प्रधान के जारी पुलिस को सूचित किया।

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सूचना पाकर रविवार सुबह 10 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शुरूआती जांच में पाया गया है कि यहां गड्ढा खोदकर दफनाया गया यह नवजात शिशु रैत ब्लॉक के प्रेई क्षेत्र से ताल्लुक था। उसके शव को दफनाने के बाद उसके ऊपर एक बड़ा पत्थर रखा हुआ था। इसके साथ ही टांडा मेडिकल कॉलेज की पर्चियां भी मौके से बरामद हुई हैं। पर्चियों से इस बात की जानकारी मिली है कि नवजात के परिजन प्रेई गांव से हैं और 28 दिसंबर को उसकी मां को टांडा में अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इसके अलावा टांडा मेडिकल कॉलेज के अन्य रिकॉर्ड भी घटनास्थल पर ही मिले हैं। पुलिस को परिजनों का नाम पता तो मिल गया है, लेकिन अभी तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया है।

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