हिमाचल बजट: क्लास फोर में प्रमोट होंगे JOA IT! करुणामूलक और आउटसोर्स को लेकर ये है प्लान

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हिमाचल बजट: क्लास फोर में प्रमोट होंगे JOA IT! करुणामूलक और आउटसोर्स को लेकर ये है प्लान

शिमला। सीएम जयराम ठाकुर ने आज हिमाचल बजट 2021-22 पेश करते हुए कहा कि सरकार करुणामूलक आधार पर नियुक्तियों के लिए बनाई नीति की समीक्षा करेगी, ताकि इसके तहत जरूरमंद परिवारिक सदस्यों को रोजागर के अवसर उपलब्ध हो सकें। 

सीएम जयराम ने ने बजट भाषण में कहा कि उनकी सरकार ने 2019 में करुणामूलक आधार की नियुक्तियों बारे संशोधित नीति जारी की थी, जिसके तहत आय सीमा में बढ़ोतरी और पात्रता के लिए आयु सीमा बढ़ाई गई थी। बकौल सीएम जयराम हम इस नीति की समीक्षा करेंगे।

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सीएम जयराम की मानें तो सरकार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को 20 वर्ष की सेवा पूरा करने के बाद मिलने वाली वेतन बढ़ोतरी में विसंगति को दूर करेगी, जिससे सभी कर्मचारियों को यह वेतन वृद्वि 20 वर्षों की अवधि पूरा होने के बाद एक समान मिल सकेगी। 

सीएम जयराम ठाकुर ने बताया कि अब चतुर्थ श्रेणी कर्मी जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी के पर पर भी पदोन्नत हो सकेंगे। इसकी घोषणा भी सीएम जयराम ठाकुर बजट भाषण में की है। अभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी Ministerial Cadre में Limited Direct Recruitmen तथा बारी आने पर पदोन्नत हो सकते थे। रिटायर्ड सरकारी कर्मियों के चिकित्सा बिलों के भुगतान के लिए बजट बढ़ाकर 100 करोड़ रूपए करने का प्रस्ताव किया गया है।

आउटसोर्स कर्मियों का रूकेगा शोषण:

पुलिस विभाग में आरक्षी एवं उप-निरीक्षक के सीधी भर्ती के पदों में महिलाओं के लिए आरक्षण चरणबद्ध तरीके से 25 प्रतिशत तक ले जाया जाएगा। जिला स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लम्बे समय से चली आ रही मांग के दृष्टिगत जिलों में सरकारी आवासों के रख-रखाव एवं मरम्मत के लिए 2021-22 में 36 करोड़ रूपए के प्रावधान का प्रस्तावित किया गया है। सरकारी कार्यालयों की उचित देखभाल के लिए भी 115 करोड़ रूपए तथा सरकारी आवासीय भवनों के रख-रखाव के लिए 42 करोड़ रूपए का प्रावधान प्रस्तावित किया है।

आउटसोर्स कर्मियों के शोषण को रोकने के लिए सरकार ने मॉडल टेंडर डाक्यूमेंट बनाने का ऐलान किया है। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि कई बार इस सदन में भी यह चर्चा हुई कि आउटसोर्स पर लगे कर्मियों का सेवा प्रदाता शोषण करते हैं। उनका प्रस्ताव है कि मॉडल टेंडर डाक्यूमेंट बनाकर समस्त विभागों को भेजा जाएगा, जिससे कि पूरे प्रदेश में इन कर्मियों के हितों की रक्षा हो सके।

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