शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन हुए बवाल के बाद जारी गतिरोध को लेकर पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह का आज एक बड़ा बयान आया। निलंबित चल रहे कांग्रेस विधायकों के साथ धरने में शामिल हुए पूर्व सीएम ने कहा कि मेरे मुख्यमंत्री रहते अगर ऐसा कुछ होता तो हम घंटे भर में इस मसले को हल कर लेते। इस दौरान पूर्व सीएम से जब पूछा गया कि क्या गतिरोध को समाप्त करने के लिए वह सीएम जयराम से जाकर बात करेंगे तो वीरभद्र सिंह ने हंसते हुए सवाल को टालते हुए कहा कि जयराम एक बार के सीएम हैं मैं 6 बार का मुख्यमंत्री रह चुका हूं। 

हमने वह समय भी देखा है, जब हमें बसों में भरकर दूर जंगल में छोड़ा गया था

अब वीरभद्र द्वारा दिए गए इन बयानों पर सीएम जयराम ठाकुर ने पलटवार किया है। बकौल सीएम जयराम, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हमें सलाह न दें, हमने वह समय भी देखा है, जब हमें बसों में भरकर दूर जंगल में छोड़ा गया था। विपक्ष में रहते हुए भाजपा विधायकों ने केवल सदन के बीचों बीच आकर विरोध प्रदर्शन किया था और उस समय कांग्रेस सरकार ने विपक्ष के साथ इस तरह से व्यवहार किया था, जबकि विपक्ष का हक होता है कि वह लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करे। लेकिन यहां पर मामला राज्यपाल के साथ दुर्व्यवहार से जुड़ा है। इसलिए हमें भी यह अच्छा नहीं लग रहा कि सदन में केवल सत्तापक्ष है। 

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उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहूंगा कि कांग्रेस के जो विधायक बाहर गए हैं, वह तो भीतर आएं। उनका कहना था कि राज्यपाल के साथ हुई घटना के लिए कांग्रेस विधायकों को जाकर माफी मांगनी चाहिए। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के निलंबित विधायकों के साथ धरने पर बैठने को लेकर सीएम ने कहा कि उनकी पूर्व सीएम से कोई बात नहीं हुई है। अगर वो आज सदन में आते हैं तो वे जरूर उनसे इस संबंध में बात करेंगे। निलंबित विधायकों को मनाने के संबंध में सीएम ने कहा कि यह सब विपक्ष के रवैये पर निर्भर करता है।

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