शिमला।
हिमाचल प्रदेश में करुणामूलक आधार पर नौकरी का रास्ता देख रहे लोगों के लिए विधानसभा से अच्छी खबर आई है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के पांचवे दिन सदन में करुणामूलक आश्रितों को एकमुश्त नौकरी देने का मामला उठा। 

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नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री,विधायक प्रकाश राणा, इंद्र दत्त लखनपाल, पवन कुमार काजल, रामलाल ठाकुर ने सरकार से पूछा कि करुणामूलक आश्रितों को सरकार कब तक नौकरी दे देगी और भर्तियों में 5% आरक्षण को बढ़ाने और एकमुश्त नौकरी देने को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है?

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इन प्रशनों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सदन को आश्वस्त किया कि आने वाले समय में सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित करेगी जो करुणामूलक मामलों से संबंधित सभी विषयों का निपटारा करेगी। उन्होंने कहा कि पहले व्यवस्था थी कि 50 वर्ष की आयु के बाद किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु हो जाने के उपरांत उस परिवार के आश्रित को सरकारी नौकरी प्राप्त नहीं होती थी। 

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सीएम ने कहा कि जबकि भाजपा ने सत्ता में आने के बाद व्यवस्था की है कि सरकारी कर्मचारी की सेवाकाल के अंतिम दिन भी यदि मृत्यु होती है तो उसके परिवार के आश्रित को रोजगार की पात्रता प्राप्त होगी। बकौल सीएम जयराम सरकार ने करुणामूलक आधार के तहत आय सीमा को भी दो बार बढ़ाया है। 

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वहीं, इस मसले पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का कहना था कि करुणामूलक आधार पर नौकरियां नहीं मिलने के चलते चौड़ा मैदान में जरूर धरना दे रहे हैं। यह मामला बेहद संवेदनशील है। इस पर सरकार को विचार करना चाहिए और समाधान निकालना चाहिए। कांग्रेस विधायक मुकेश अग्निहोत्री, निर्दलीय विधायक प्रकाश राणा, कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखन पाल, पवन कुमार काजल, रामलाल ठाकुर द्वारा संयुक्त रुप से करुणामूलक आश्रितों को रोजगार प्रदान करने के मामले में सवाल पूछा गया था।