सासे द्वारा मनाली समेत पांच जिलों के 24 ऐसी जगह चिहिन्त की गई हैं, जहां हिमस्खलन का खतरा अधिक है। इसमें सबसे ज्यादा मनाली-लेह मार्ग के क्लाथ, नेहरूकुंड-कुलंग-पलचान और कोठी, कोठी से रोहतांग दर्रा, कोकसर-सिस्सू-तांदी, तांदी-केलांग-दारचा रूट के अलावा दारचा-पटसेउ-जिंगजिंगबार,अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू-तांदी, जिंगजिंगबार तथा बारालाचा, सरचू से लाचुंगला के अलावा पांग से तंगलंगला के बीच हिमस्खलन का खतरा है।
इसके अलावा पलचान से सोलंग, सोलंग से धुंधी, अटल टनल के साउथ पोर्टल, तांदी-किर्तिंग-थिरोट, कुकुमसेरी-उदयपुर, उदयपुर से शौर, छाउ-पिंडरू-किलाड़, किलाड़ से बरवास, गाहर से रानीकोट,कोकसर, छतडृ-लोसर,ताबो-काजा-समदो-कल्पा, कल्पा-कड़छम, सांगला, नारकंडा-ठयोग तथा जलोड़ी दर्रा से खनाग के बीच भी हिमस्खलन होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन द्वारा जिलावासियों से बर्फीले व संवदेनशील इलाकों की तरफ न जाने की हिदायत दी है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी सोलंगनाला व जलोड़ी दर्रा की तरफ रुख न करने की सलाह दी है।




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