शिमला डेस्क: केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल प्रदेश को 100 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए पैसा देने से इंकार कर दिया है। दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार चाहती है कि राज्य की सड़कों पर अधिक प्रदूषण फैलाने वाली बसें नहीं दौड़ें।
इस बाबत एचआरटीसी ने एक प्रस्ताव तैयार कर प्रदेश सरकार को भेजा। प्रदेश सरकार ने इसे केंद्र सरकार को यह कहते हुए अग्रेसित किया कि यदि केंद्र सरकार मदद करती है तो हिमाचल की सड़कों पर पर्यावरण मित्र बसें चलेंगी।
प्रस्ताव के जवाब में केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सचिव ने कहा है कि इस प्रस्ताव को पारित करने के लिए हिमाचल सरकार के पास पर्याप्त बजट नहीं है, जिस कारण से राज्य सरकार इसका पूंजीगत व्यय वहन नहीं कर पाएगी। बता दें कि हिमाचल सरकार का यह प्रस्ताव लंबे समय से लंबित है।
केंद्रीय परिवहन सचिव ने स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य सरकार यदि पर्यावरण मित्र बसें ही चलाना चाहती है तो निजी ट्रांसपोर्टरों को इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए आमंत्रित कर सकती है। इसके संचालन से संबंधित सारा खर्च केंद्र सरकार ही उठाएगी।
हिमाचल सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार अब निजी आपरेटरों को इसके लिए आमंत्रित करने की तैयारी में हैं। अगर ऐसा संभव होता है तो हिमाचल में 100 नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही चलेंगी।
स्पष्ट है कि केंद्र सरकार नहीं चाहती है कि इलेक्ट्रिक बसों का संचालन हिमाचल प्रदेश सरकार और एचआरटीसी (HRTC) के देख-रेख में चले। केंद्र सरकार इसे निजी हाथों में सौंपना चाहती है, जिस वजह से एचआरटीसी के प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है।




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