साढे 7 माह बाद खुल रहे कोचिंग संस्थान: भेजने से पहले मम्मी-पापा को देनी होगी ये इजाजत

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साढे 7 माह बाद खुल रहे कोचिंग संस्थान: भेजने से पहले मम्मी-पापा को देनी होगी ये इजाजत

शिमला। हिमाचल प्रदेश में जारी कोरोना वायरस का कहर हल्का पड़ने के बाद अब जाकर प्रदेश सरकार द्वारा कोचिंग संस्थानों को खोलने का फैसला किया गया है। बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में इस बात पर फैसला लिए जाने के बाद आज से सूबे में कोचिंग संस्थान खोल सीए जाएंगे, इसके लिए SOP भी जारी कर दी गई। इस SOP के अनुसार करीब साढे सात महीने बाद खुल रहे कोचिंग संस्थानों का नजारा पहले की तुलना में काफी बदला सा नजर आएगा। 

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जानें SOP में किन नियमों का हुआ है जिक्र, जिसका करना होगा पालन: -

  • अभिभावकों के सहमति पत्र पर ही विद्यार्थियों को कोचिंग संस्थान में प्रवेश मिलेगा। 
  • शारीरिक दूरी के नियम का पालन करते हुए कोचिंग संस्थान के कमरे की क्षमता के 50 प्रतिशत विद्यार्थी ही संचालक बिठा सकेंगे।
  • थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। 
  • फेस मास्क पहनना शिक्षकों और अभिभावकों के लिए अनिवार्य रहेगा। 
  • इसके अलावा सैनिटाइजेशन का भी नियमित तौर पर बंदोबस्त करना होगा। 
  • संस्थान में सैनिटाइजर और हैंड वॉश/साबुन भी उपलब्ध करवाने होंगे। 
  • कोचिंग संस्थानों में नियमों का पालन देखने के लिए समय-समय पर शिक्षा विभाग के अधिकारी निरीक्षण करेंगे। 
  • नियमों की अवहेलना पाए जाने पर कोचिंग संस्थान के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से पांच अक्तूबर 2020 को जारी एसओपी को ही अक्षरक्ष कोचिंग संस्थान खोलने के लिए लागू किया गया है। गौरतलब है कि बीते वर्ष दो नवंबर से सरकार ने कोचिंग संस्थान खोलने को मंजूरी दी थी। इस दौरान शिक्षण संस्थानों में कोरोना संक्रमण के कई मामले सामने आने के बाद 11 नवंबर को दोबारा से संस्थान बंद कर दिए गए थे। अब हिमाचल मंत्रिमंडल ने प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों में जुटे विद्यार्थियों के लिए दोबारा से कोचिंग संस्थान खोल दिए हैं।

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