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इसके बावजूद भी करीब 8 साल बीत जाने के बाद भी शिकायतकर्ता को मालिकाना हक़ नहीं मिला। कंज्यूमर फोरम में दाखिल की गई याचिका में अंजलि ने बताया था कि बिल्डर्स से बार-बार संपर्क करने के बावजूद उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया। जिसके बाद उन्होंने फोरम में बिल्डर्स के खिलाफ शिकायत दर्ज कवाई। वहीं, अब मामले की सुनवाई करने के बाद फोरम ने आदेश दिया है कि बिल्डर्स उपभोक्ता को पूरी राशि वापस करेगा और इस पर कोई भी टीडीएस काटा नहीं जाएगा।
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इसके साथ ही ऑर्डर की कापी जारी होने के 30 दिनों के भीतर बिल्डर्स को यह राशि देनी होगी। इसमें 12 फीसद पीए प्लस और 3 फीसद पीए भी देना होगा। वहीं, कोर्ट ने बिल्डर्स पर मानसिक पीड़ा और शारीरिक उत्पीड़न के लिए मुआवजे का भुगतान करने के लिए भी हर्जाना लगाया है। फोरम के आदेशानुसार बिल्डर्स उपभोक्ता को हर्जाने के रूप में 50 हजार रूपए का भुगतान 30 दिनों के भीतर देना होगा। अगर बिल्डर्स तय समय के अंदर राशि का भुगतान नहीं करता है तो नौ फीसद प्रति वर्ष ब्यॉज दर के साथ उसे 50 हजार रूपए देने होंगे।




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