मंडी। परमाणु संयंत्रों को चलाने और परमाणु बम बनाने में यूरेनियम का प्रमुखता से इस्तेमाल किया जाता है। इस सब के बीच हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल IIT मंडी के विशेषज्ञों द्वारा इस बात का पता लगाया गया है कि प्रदेश के भूमिगत पानी में सामान्य से चार गुना अधिक यूरेनियम मौजूद है। जिसके कारण हिमाचल प्रदेश के गर्भ में यूरेनियम का बहुत बड़ा भंडार होने की संभावना अत्याधिक प्रबल हो गई है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी के विशेषज्ञों द्वारा इन चिन्हित क्षेत्रों से पानी के सैंपल एक बार फिर लिए जा चुके हैं। जिसके बाद अब दूसरे चरण के तहत इन्हीं क्षेत्रों के सैंपल आगामी परीक्षण के लिए परमाणु विज्ञान अनुसंधान बोर्ड (बीआरएनएस) को भेजे जाएंगे। बता दें कि परमाणु विज्ञान अनुसंधान बोर्ड की तरफ से आईआईटी मंडी को इस कार्य के लिए 87 लाख के तीन प्रोजेक्ट सौंपे गए हैं। जिसक्ले तहत विशेषज्ञ यूरेनियम की तलाश के साथ पेयजल गुणवत्ता भी जांचेगे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत अब भी यूरेनियम के लिए कजाकिस्तान, आस्ट्रेलिया व अन्य देशों पर निर्भर है। वहीं, परमाणु संयंत्रों को स्थापित करने या पहले से स्थापित संयंत्रों का विस्तार करने में यूरेनियम की कमी आड़े आ रही है। इसके साथ ही परमाणु हथियार विकसित करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। लेकिन अब जो इस आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों का अनुमान अगर सही साबित होता है तो यह हिमाचल के लिए तो ख़ुशी की बात होगी है। जबकि, इसके साथ ही देश की परमाणु ताकत को बढाने में हिमाचल एक अहम् भूमिका निभाएगा।




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks