शिमला: कोरोना माहामारी के बीच ही केंद्र सरकार ने नई शिक्षा निति लागू कर दी। अब जब कोरोना वैक्सीन तैयार है, टीकाकरण को लेकर भी तैयारियां अंतिम पड़ाव में हैं। ऐसे में उम्मीद है कि छात्रों को जल्द ही ऑनलाइन क्लास के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और दुबारा से स्कूल-कॉलेज खुल जाएंगे।
बता दें कि वर्ष 2021 शिक्षा के क्षेत्र में कई उम्मीदें लेकर आएगा। निजी स्कूलों की फीस पर हर साल होने वाला विवाद थम जाएगा। शिक्षा विभाग फीस पर लगाम लगाने के लिए कानून लाने जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार प्रारूप तैयार कर लिया है। विभाग का दावा है कि नए कानून के बाद निजी स्कूलों पर लगाम लगेगी। इससे हर साल फीस वृद्धि को लेकर होने वाला विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। अभिभावकों को इससे बड़ी राहत मिलेगी।
नई शिक्षा नीति लागू होने से बड़े बदलाव होंगे:
नई शिक्षा नीति लागू होने से शिक्षा व्यवस्था का ढांचा बदल जाएगा। अर्ली चाइल्डहुड एजुकेशन को अनिवार्य किया जाएगा। प्रदेश में हर स्कूल में प्री प्राइमरी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। पहले चरण में सौ प्री प्राइमरी स्कूल खोले जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रारूप भी बदल जाएगा। स्कूलों में संकाय सिस्टम खत्म हो जाएगा।
तीसरी कक्षा से संस्कृत व छठी से वोकेशनल विषय शुरू किया जाएगा। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए प्रदेश सरकार की मंजूरी मिल गई है। अब इसे नए सत्र से लागू किया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
पांच हजार पदों पर होगी भर्ती:
शिक्षा विभाग में साढ़े चार हजार शिक्षकों की भर्तियां होंगी। इनमें जेबीटी, टीजीटी, लेक्चरर न्यू से लेकर अन्य श्रेणियों के पद शामिल हैं। इसके अलावा पदोन्नतियों का पिटारा भी विभाग में खुलेगा। विभागीय स्तर पर इन भर्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जल्द इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। भर्तियों को लेकर कई मामले न्यायालय में विचाराधीन थे।
अब इन पदों को भरने की भी हरी झंडी मिल गई है। प्रदेश में नए साल में 10 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप मिलेंगे। एक साल से छात्र इनका इंतजार कर रहे हैं। नए साल में स्कूल बैग भी बंटना शुरू हो जाएंगे। इनकी खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।




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