शिमला। देवभूमि हिमाचल प्रदेश में जारी बारिश और बर्फबारी के दौर के बीच 3 एनएच और स्टेट हाईवे लाहौल स्पीति समेत 322 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं। बतौर रिपोर्ट्स, एनएच शिमला-रामपुर, ठियोग-रोहड़ू, चम्बा भरमौर और सैंज-लूहरी बंद हो गया है। शिमला रामपुर एनएच नारकंडा और कुफरी, ठियोग रोहड़ू खड़ापत्थर में बंद होने से ऊपरी शिमला का मुख्यालय से संपर्क कट गया है। चौपाल के खिड़की में भी सड़क अवरुद्ध हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा लाहौल स्पीति में 177, शिमला में 83 और किन्नौर में 48 सड़कें बंद हैं। एचआरटीसी के करीब 175 रूट ठप हो गए हैं। 110 टांसफार्मर बंद होने से बिजली भी गुल है। बर्फबारी के कारण पीडब्ल्यूडी को अब तक 44.96 करोड़ का नुक्सान हो चुका है। कांगड़ा जोन में सबसे ज्यादा 29.48 करोड़, शिमला जोन में 8.31 करोड़, मंडी जोन में 4.46 करोड़ और दोनों एनएच सर्किल में 2.70 करोड़ का नुक्सान बताया जा रहा है।
5 जिलों में हिमस्खलन का अलर्ट: जारी हुई एडवाइजरी
वहीं, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार बुधवार को भी प्रदेश में बारिश-बर्फबारी का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। प्रदेश में लगातार बिगड़ रहे मौसम के बीच सूबे के 5 जिलों में हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। इस संबंध में हिम और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) मनाली में शिमला, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, किन्नौर व चंबा जिले के डीसी को एडवाइजरी जारी की है। इन जिलों में पांच और छह जनवरी के बीच हिमस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
सासे द्वारा मनाली समेत पांच जिलों के 24 ऐसी जगह चिहिन्त की गई हैं, जहां हिमस्खलन का खतरा अधिक है। इसमें सबसे ज्यादा मनाली-लेह मार्ग के क्लाथ, नेहरूकुंड-कुलंग-पलचान और कोठी, कोठी से रोहतांग दर्रा, कोकसर-सिस्सू-तांदी, तांदी-केलांग-दारचा रूट के अलावा दारचा-पटसेउ-जिंगजिंगबार,अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू-तांदी, जिंगजिंगबार तथा बारालाचा, सरचू से लाचुंगला के अलावा पांग से तंगलंगला के बीच हिमस्खलन का खतरा है।
इसके अलावा पलचान से सोलंग, सोलंग से धुंधी, अटल टनल के साउथ पोर्टल, तांदी-किर्तिंग-थिरोट, कुकुमसेरी-उदयपुर, उदयपुर से शौर, छाउ-पिंडरू-किलाड़, किलाड़ से बरवास, गाहर से रानीकोट,कोकसर, छतडृ-लोसर,ताबो-काजा-समदो-कल्पा, कल्पा-कड़छम, सांगला, नारकंडा-ठयोग तथा जलोड़ी दर्रा से खनाग के बीच भी हिमस्खलन होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन द्वारा जिलावासियों से बर्फीले व संवदेनशील इलाकों की तरफ न जाने की हिदायत दी है। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को भी सोलंगनाला व जलोड़ी दर्रा की तरफ रुख न करने की सलाह दी है।




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks