महात्मा गांधी का का सपना हिमाचल प्रदेश पूरा कर रहा है. महात्मा गांधी का मानना था कि अगर गांव नष्ट हो जाए, तो हिन्दुस्तान भी नष्ट हो जायेगा। गांधी जी का ही सपना था कि देश के गाँव मजबूत हों और उनके ही ग्राम स्वराज के विचारों से ही प्रेरणा लेकर पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत की गई थी. गांधी जी के शब्दों में:
“सच्चा लोकतंत्र केंद्र में बैठकर राज्य चलाने वाला नहीं होता, अपितु यह तो गाँव के प्रत्येक व्यक्ति के सहयोग से चलता है।”
हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव और नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी तेज है. एक जनवरी को जहां पूरा देश नए साल की धूमधाम से स्वागत करने में लगा था.
वहीं हिमाचल के लोग पंचायत चुनाव को लेकर नामांकन पत्र दाखिल करने में लगे थे और शुक्रवार को कुल 20 हजार से अधिक दावेदारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। दो दिनों के दौरान कुल 33,397 से अधिक दावेदार नामांकन पर्चे भर चुके हैं। ग्राम पंचायत के चुनाव में इतने बढ़-चढ़ कर हिस्सेदारी करना मजबूत लोकतंत्र की निशानी है. हिमाचल प्रदेश जिसका मिशाल पेश कर रहा है.
बता दें कि यह नामांकन पत्र प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य के लिए भरे जा रहे हैं। आगामी शनिवार को नामांकन भरने की आखिरी तिथि है। हालांकि, बुधवार को इच्छुक दावेदारों को दोपहर तीन बजे से पहले ही नामांकन पत्र भरने होंगे।
प्रदेश में जिला परिषद के 249 पदों के लिए अब तक 384 दावेदारों ने नामांकन पत्र भर दिए है। पंचायत समिति सदस्य के 1696 पदों के लिए 1567, प्रधान के 3615 पदों के लिए 7166, उप प्रधान के 3615 पदों के लिए 7272 और वार्ड मैंबर के कुल 21390 पदों के लिए 16958 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किया है। सभी नामांकन पत्रों की छंटनी 4 जनवरी को की जाएगी।
6 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक वापस ले सकेंगे नामांकन:
छंटनी में जिन किसी भी उमीदवार का नामांकन पत्र गलत भरा हुआ पाया जाएगा, उनका नामांकन उसी वक्त रद्द कर दिया जायेगा। कवरिंग कैंडीडेट और इच्छुक व्यक्ति 6 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक अपने नामांकन वापस ले सकेंगे। इसी दिन चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी और सभी को चुनाव चिन्ह आबंटित कर दिए जाएंगे। बता दें कि पंचायती राज में केवल उपप्रधान का ही पद ऐसा है, जिसके लिए आरक्षण रोस्टर लागू नहीं होता।
21390 से अधिक पोलिंग बूथ में होगा मतदान:
पंचायत चुनाव के लिए 21390 से अधिक पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रत्येक वार्ड के लिए एक पोलिंग बूथ स्थापित किया जाएगा। यदि कहीं बहुत जरूरी हुआ तो मतदाता की सहुलियत के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला पदाधिकारी) सहायक मतदान केंद्र की व्यवस्था कर सकते हैं। पंचायत चुनाव में 52 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे.
जिलावार विभिन्न पदों के लिए कितने दावेदार मैदान में (1 जनवरी 2020 तक):
| जिला | जिला परिषद | बीडीसी | प्रधान | उप प्रधान | वार्ड मैंबर |
| बिलासपुर | 18 | 37 | 462 | 493 | 1104 |
| चंबा | 42 | 110 | 431 | 397 | 1150 |
| हमीरपुर | 10 | 141 | 689 | 708 | 1712 |
| कांगड़ा | 119 | 309 | 1741 | 1883 | 4601 |
| किन्नौर | 5 | 20 | 57 | 51 | 135 |
| कुल्लू | 22 | 148 | 587 | 569 | 1452 |
| लाहौल-स्पीति | 0 | 0 | 8 | 2 | 16 |
| मंडी | 43 | 295 | 1001 | 1149 | 2906 |
| शिमला | 55 | 207 | 690 | 689 | 1239 |
| सिरमौर | 32 | 127 | 722 | 549 | 1126 |
| सोलन | 22 | 64 | 551 | 523 | 946 |
| ऊना | 16 | 109 | 227 | 259 | 571 |
| कुल | 384 | 1567 | 7166 | 7272 | 16958 |




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