सिरमौर। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कोटखाई में घटित हुए गुड़िया मामले के आरोपी चिरानी अनिल कुमार उर्फ नीलू को जिला सिरमौर के नाहन में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। यह सजा आरोपी को पुलिस थाना पच्छाद के तहत वर्ष 2015 में दर्ज महिला की हत्या के प्रयास के मामले में दोषी पाए जाने के बाद सुनाई गई। जस्टिस जसवंत की अदालत ने अनिल कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया है।
जानें क्या है पूरा मामला
सिरमौर जिला के पुलिस थाना पच्छाद में साल 2015 में एक महिला की हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। घटना घटित होने के बाद पुलिस ने चिरानी आदि की महिला से शिनाख्त करवाई गई। इस दौरान महिला ने अनिल उर्फ नीलू को पहचान लिया था। महिला ने बताया कि यह वही व्यक्ति ने जिसने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की। विरोध करने पर दराट से उसके दाएं हाथ की अंगुली और अंगूठा काट दिया था।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर चालान कोर्ट में पेश किया। आज कोर्ट ने आरोपी चिरानी अनिल को दोषी करार देते हुए धारा 307 के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई और 20 हजार रूपए जुर्माना भी लगाया है। वहीं, जुर्माना अदा न करने की सूरत में आरोपी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा आरोपी पर धारा 354 के तहत दो साल की सजा और 5 हजार जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा ना करने की सूरत में आरोपी को तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।




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