अब क्या होगा: इस पंचायत से एक भी उम्मीदवार नहीं खड़ा हुआ, सभी ने लिए नाम वापस

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अब क्या होगा: इस पंचायत से एक भी उम्मीदवार नहीं खड़ा हुआ, सभी ने लिए नाम वापस

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच सूबे का राजनीतिक तापमान अपने चरम पर है। प्रदेश की कई ऐसे पंचायतें हैं, जहां पर बड़ी संख्या में उम्मदीवारों ने ताल ठोंकी है और ऐसी जगहों पर राजनीतिक प्रतिद्वंदिता अपने चरम पर है। इस सब के बीच हमीरपुर की एक पंचायत ऐसी भी जहां से एक भी उम्मीदवार नहीं खड़ा हुआ है। बतौर रिपोर्ट्स, बड़सर उपमंडल की ग्राम पंचायत चकमोह के बाशिंदों ने आगामी पंचायत चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला किया है। 

इस बार नहीं होगा पंचायत में चुनाव! 

पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सरकार ने उनकी अस्पताल की समस्या को दूर करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया है। पंचायत वासियों की मानें तो उन्होंने क्षेत्र में कॉलेज ,स्कूल और अस्पताल के लिए कई कनाल भूमि बिना किसी शर्त के सरकार को दी थी परंतु किसी भी सरकार ने उनकी समस्या को नहीं समझा और आज भी वो स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। इसी वजह से पंचायत का कोई भी सदस्य चुनाव मैदान में नहीं उतरा है। 

ऐसे में अब चकमोह पंचायत के लोगों ने पंचायत चुनाव का बहिष्कार करते हुए चुनाव लड़ने से पीछे हटते हुए अपने नाम वापस ले लिए हैं। बता दें कि पंचायत में इस बार 8 लोगों ने प्रधान पद, 10 लोगों ने उपप्रधान पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन अस्पताल के मसले को लेकर सभी के सभी उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। ऐसे में अब माना जा रहा है कि चकमोह में इस बार चुनाव का आयोजन नहीं होगा। 

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