मेयर पद के उम्मीदवार रविकांत शर्मा मूल रूप से ऊना जिले के निवासी हैं। वर्ष 1984 में वह ऊना कॉलेज में अपनी पढाई के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े। 1996 में उन्होंने चंडीगढ़ भाजपा ज्वाइन किया। संजय टंडन के करीबी होने के कारण 2006 से 2009 तक मंडल अध्यक्ष, 2012 में महामंत्री और उसके बाद 6 साल जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। इस बीच 2016 में पार्षद का चुनाव भी जीता।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ में भाजपा का संगठन काफी मौजूद है और पहले से ही तय माना जा रहा है कि रविकांत शर्मा की दावेदारी काफी मजबूत होगी। चुनाव में यदि रविकांत शर्मा विजयी होते हैं तो चंडीगढ़ की कमान हिमाचली के हाथ में होगी। वैसे भी रविकांत शर्मा का संगठन में काफी लंबा संघर्ष रहा है। छात्र जीवन से ही वह विद्यार्थी परिषद् में सक्रिय हो गए थे। फिर उन्होंने चंडीगढ़ का रूख किया और वहीं से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और अपनी संघर्ष यात्रा शुरू की।




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