राहत की खबर: चिकन या अंडा खाने से नहीं होता बर्ड फ्लू, जानें लक्षण...

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राहत की खबर: चिकन या अंडा खाने से नहीं होता बर्ड फ्लू, जानें लक्षण...


शिमला। बर्ड फ्लू- यानी पक्षियों में होने वाला सर्दी बुखार। कांगड़ा में पौंग झील के बाद हरियाणा और राजस्थान से भी पक्षियों के मरने की खबर आ रही है। पूरे देश में चिंता की लहर दौर गई है। लोगों को चिंता इस बात की नहीं है कि पक्षी बीमार पर रहे हैं और उनकी मौत हो जा रही है। चिंता इस बात का अधिक है कि पक्सियं का मांस खाने से वह भी बीमार पड़ जाएंगे। इसी वजह से कांगड़ा में मीट और अंडा के खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी गई है। 

इस तरह खाएंगे अंडा चिकन, कुछ नहीं होगा

इस सब के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है कि, अभी तक किसी भी व्यक्ति में अच्छे से पके हुए चिकन को खाने से बर्ड फ्लू होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य संस्था वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी कि WHO के अनुसार पके हुए चिकन या अंडे से बर्ड फ्लू का खतरा नहीं होता। सबसे पहले इसे जानवरों में रोकना होगा उसके बाद ही इंसानों में इसका खतरा रोका जा सकता है। 

बतौर रिपोर्ट्स, सबसे पहले इसे जानवरों में रोकना होगा उसके बाद ही इंसानों में इसका खतरा रोका जा सकता है। संक्रमित मुर्गियों के 165ºF पर पकाए गए मांस या अंडे के सेवन से बर्ड फ्लू नहीं फैलता है लेकिन संक्रमित मुर्गी के अंडों को कच्चा या उबालकर नहीं खाना चाहिए।

क्या हैं बर्ड फ्लू के लक्षण

बर्ड फ्लू होने पर आपको कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, नाक बहना और बेचैनी जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अगर आपको लगता है कि आप बर्ड फ्लू की चपेट में आ गए हैं तो किसी अन्य व्यक्ति के संपर्क में आने से पहले डॉक्टर को दिखाएं। ये बीमारी संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह के लार या आंखों से निकलने वाली पानी के संपर्क में आने से होता है। 

क्या है इसका इलाज और कैसे करें बचाव 

अलग-अलग तरह के बर्ड फ्लू का अलग-अलग तरीकों से इलाज किया जाता है लेकिन ज्यादतर मामलों में एंटीवायरल दवाओं से इसका इलाज किया जाता है। लक्षण दिखने के 48 घंटों के भीतर इसकी दवाएं लेनी जरूरी होती हैं। बर्ड फ्लू से संक्रमित व्यक्ति के अलावा उसके संपर्क में आए घर के अन्य सदस्यों को भी ये दवाएं ली जाने की सलाह दी जाती है, भले ही उन लोगों में बीमारी के लक्षण ना हों। 

वहीं, इन्फ्लूएंजा से बचने के लिए डॉक्टर आपको फ्लू की वैक्सीन लगवाने की सलाह दे सकते हैं। इसके अलावा आप खुले बाजर में जाने, संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने और अधपका चिकन खाने से बचें। हाइजीन बनाए रखें और समय-समय पर अपने हाथ धोते रहें।

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