निजी University पर सरकार का डंडा सख्त: एक ने मानी हार, तीन के चांसलर शिमला तलब

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निजी University पर सरकार का डंडा सख्त: एक ने मानी हार, तीन के चांसलर शिमला तलब

शिमला डेस्क: निजी यूनिवर्सिटी पर सरकार का डंडा चलना शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग ने चितकारा यूनिवर्सिटी के कुलपति को अयोग्य ठहरा उनकी छुट्टी कर दी है।

बता दें कि उच्च शिक्षा के निजी यूनिवर्सिटी में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग ने जांच में पाया कि 10 निजी यूनिवर्सिटी के कुलपति अयोग्य हैं।


अयोग्य पाए गए कुलपतियों में दो की उम्र यूजीसी के द्वारा निर्धारित उम्र सीमा से अधिक थी। शेष आठ के पास कुलपति बनने से पहले 10 साल का बतौर प्रोफेसर अनुभव नहीं था और प्रोफेसर बनने के समय उनके पास पीएचडी की डिग्री नहीं थी।

जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद तीन यूनिवर्सिटी 1). बाहरा यूनिवर्सिटी 2). शूलिनी यूनिवर्सिटी और 3). बद्दी यूनिवर्सिटी के कुलपति ने स्वतः ही इस्तीफा दे दिया था।

जबकि शेष बचे सात यूनिवर्सिटी ने आयोग से दुबारा विचार करने की मांग की थी। आयोग ने दुबारा जांच कर रिपोर्ट पेश की जिसमें 6 कुलपति अयोग्य पाए गए। एक कुलपति को दुबारा जांच में राहत मिली। आयोग ने इन छह यूनिवर्सिटी के चांसलर को पत्र लिख अपने-अपने कुलपतियों पर कार्रवाई करने को कहा। 

आयोग के आदेश को संज्ञान में लेते हुए अरनी यूनिवर्सिटी और एमएमयू यूनिवर्सिटी ने कुलपति के ऊपर कार्रवाई करते हुए उन्हें पद मुक्त कर दिया और इसकी जानकारी आयोग को दे दी। वहीं, चितकारा यूनिवर्सिटी ने भी अब अपने कुलपति को पदच्युत कर दिया है। 

शेष बचे तीन यूनिवर्सिटी ने अभी तक आयोग की जांच रिपोर्ट औऱ आदेश को गंभीरता से नहीं लिया है। आयोग अब इन यूनिवर्सिटी के ऊपर कार्रवाई करने के ऊपर विचार कर रही है। इस बाबत शेष बचे इन तीनों यूनिवर्सिटी के चांसलर को 11 और 12 जनवरी को शिमला तलब किया है।

मिली जानकारी के अनुसार शिमला तलब किये गए चांसलरों को आयोग के सामने स्पष्टीकरण देनी होगी कि आखिर क्यों उन्होंने अभी तक आयोग की जांच रिपोर्ट पर संज्ञान नहीं लिया है? यदि वे संज्ञान नहीं लेते हैं तो कार्रवाई करने का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित है।

बता दें कि इस आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल सेवानिवृत्त अतुल कौशिक हैं, वहीं जांच कमिटी के अध्यक्ष हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति सुनील गुप्ता हैं।

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