चमोली की सुरंग में फंसे थे हिमाचल 5 और युवक, अब कुल 9 हैं गायब: रेस्क्यू जारी

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

चमोली की सुरंग में फंसे थे हिमाचल 5 और युवक, अब कुल 9 हैं गायब: रेस्क्यू जारी

चमोली/शिमला। उत्तराखंड स्थित चमोली के तपोवन में कल कुदरत ने जो कहर बरपाया, उसकी गवाही आज यहां का चप्पा-चप्पा दे रहा है। सुरंग का काफी हद तक मलबा हटा दिया गया है। यहां अभी भी 35 लोग फंसे बताए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी से संपर्क नहीं हो पाया है। उत्तराखंड पुलिस को उम्मीद है कि मंगलवार दोपहर तक सुरंग का रास्ता पूरा साफ कर दिया जाएगा। रविवार को आई बाढ़ के बाद तपोवन में अब तक 29 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं जबकि 171 लापता हैं। 

ग्लेशियर टूटने से आई भयंकर बाढ़ में हिमाचल प्रदेश के 5 और युवक लापता हैं। इनमें रामपुर की किन्नू पंचायत के पांच युवक शामिल है। किन्नू के रुनपू गांव के कैलाश चंद, आशीष, बागवट के दीवान चंद, देवेंद्र और अमित लापता हैं। 

जानें किन-किन लोगों का अभी तक पता नहीं चल सका 

रामपुर बुशहर के शिंगला गांव के पवन और राकेश कुंदन लापता बताए जा रहे हैं। दोनों एनर्जी पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। दोनों अभी तक लापता हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है लेकिन अभी तक दोनों की कोई सूचना नहीं है। ग्लेशियर टूटने के बाद आई भीषण तबाही में सिरमौर के माजरा गांव के जीत सिंह ठाकुर साथियों सहित सुरंग में फंस गए हैं। टनल में रेस्क्यू कार्य जारी है, लेकिन उन्हें टनल से बाहर निकाला गया है या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। जीत सिंह ठाकुर ऋषित कंस्ट्रक्शन कंपनी में बतौर डीजीएम कार्यरत हैं। 

यह भी पढ़ें: सीएम जयराम ने खुद बताया: उत्तराखंड की त्रासदी से हिमाचल ने क्या सीखा

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर उपमंडल का युवक भी लापता है। सोमवार को भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। ऋषिगंगा पर बने करीब 13 मेगावाट के ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट में बौहल गांव का 33 वर्षीय राकेश कपूर  बतौर प्रोजेक्ट मैनेजर कार्यरत है। राकेश पालमपुर उपमंडल के तहत बंदला के साथ लगती पंचायत नछीर के बौहल गांव का रहने वाला है। 

रेस्क्यू किए गए मंडी के सतीश ने सुनाई अपनी दास्तां 

सुरंग से रेस्क्यू कर निकाले गए हिमाचल के मंडी जिले के रहने वाले सतीश ने बताया कि कंपनी में काम करने के दौरान अचानक से ग्लेशियर फटने से पानी का सैलाब आ गया। जिसके चलते हम कुछ समझ पाते टनल में फंस गए। हालांकि, बाहर से कुछ लोग आवाज लगा रहे थे कि जल्दी बाहर आ जाओ। पानी का सैलाब आ रहा है। लेकिन नहीं निकल सके। कई घंटों तक फंसे रहने के बाद आईटीबीपी और एनडीआरएफ की टीम ने हमें बचाया।

हिमाचल प्रदेश से जुडी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ