सिरमौर जिला परिषद: कांग्रेस ने निर्दलीय को तोड़ा लेकिन अपना घर नहीं संभला, लहराया भगवा

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सिरमौर जिला परिषद: कांग्रेस ने निर्दलीय को तोड़ा लेकिन अपना घर नहीं संभला, लहराया भगवा

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की समाप्ति होने के बाद से नगर परिषद् के गठन की जब बारी आई तो सिरमौर नगर परिषद् की सीट सबसे बड़ी हॉट सीट बनकर उभरी, क्योंकि यहां पर चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस ने एक बराबर 8-8 सीटों पर जीत दर्ज की। वहन, एक निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज करते हुए सारा गेम अपने कट्रोल में ले लिया। 

कांग्रेस के बागी को मिली उपाध्यक्ष की कुर्सी 

इसके कुछ दिन बाद कांग्रेस ने उक्त निर्दलीय विजेता प्रत्याशी को अपनी तरफ खींच लेने का दावा करते हुए सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसके बाद सारा गेम कांग्रेस के पाले में जाता हुआ नजर आया लेकिन अब निर्णायक घडी में कांग्रेस समर्थित एक प्रत्याशी ने पाला बदलते हुए बीजेपी को अपना समर्थन दे दिया। जिसके बाद अब सिरमौर जिला परिषद पर बीजेपी ने कब्जा जमा लिया है। बीजेपी समर्थित जिला परिषद सदस्य सीमा कन्याल को जिला परिषद का अध्यक्ष चुना गया है। वहीं, कांग्रेस ने चुनाव में बीजेपी पर गुंडागर्दी और धनबल के इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं।

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जिला परिषद सभागार में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए मतदान हुआ, जिसमें बीजेपी को बहुमत मिला। बीजेपी समर्थित सीमा कन्याल अध्यक्ष, जबकि कांग्रेस समर्थित जिला परिषद सदस्य अंजना शर्मा ने बीजेपी को समर्थन देकर उपाध्यक्ष का पद हासिल किया। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीजेपी की जीत प्रदेश के जयराम सरकार के विकास कार्यों की जीत है। उन्होंने प्रदेश व जिला के सभी वरिष्ठ नेताओं सहित जिला परिषद की नवनिर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को भी बधाई दी। सुरेश कश्यप ने कहा कि लोगों ने समर्थन देकर प्रदेश सरकार के कार्यक्रमों और नीतियों पर मुहर लगाई है।

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कांग्रेस नेताओं ने इन चुनाव में बीजेपी पर गुंडागर्दी और धनबल के इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बीजेपी समर्थित जिला परिषद सदस्य को जबरन उठाया गया और उसे दबाव बनाकर अपने पक्ष में लिया गया। कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण को लोकतंत्र की हत्या करार दिया। इनका कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के समर्थन के बाद कांग्रेस पूरी तरह से बहुमत में थी। 

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