सीएम जयराम ने खुद बताया: उत्तराखंड की त्रासदी से हिमाचल ने क्या सीखा

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सीएम जयराम ने खुद बताया: उत्तराखंड की त्रासदी से हिमाचल ने क्या सीखा

चमोली/शिमला। उत्तराखंड स्थित चमोली के तपोवन में कल कुदरत ने जो कहर बरपाया, उसकी गवाही आज यहां का चप्पा-चप्पा दे रहा है। NTPC प्रोजेक्ट की साइट पर ITBP और NDRF के जवान पिछले 20 घंटे से ढाई किलोमीटर लंबी टनल में फंसी करीब कई जिंदगियों को बचाने के लिए जूझ रहे हैं। अब तक केवल 100 मीटर हिस्सा साफ हो पाया है। हाइड्रोपावर प्रॉजेक्ट में फिलहाल 40 से 50 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। इस सब के बीच उत्तराखंड में आई इस त्रासदी पर हिमाचल के सीएम जयराम ठाकुर का बयान सामने आया है. 

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सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि उत्तराखंड त्रासदी से सबक लेते हुए हिमाचल प्रदेश में जहां पर हाइड्रो प्रोजेक्ट का काम चला है वहां पर क्या जरूरी सावधानी बरती जा सकती है उस पर ध्यान दिया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान  उन्होंने उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने की घटना व उससे हुए जानमाल के नुकसान पर चिंता व्यक्त की। सीएम ने कहा इस मुश्किल घड़ी में हिमाचल प्रदेश के साथ पूरा देश उत्तराखंड के साथ खड़ा है। उन्हें हर संभव मदद देने के लिए प्रदेश तैयार है। 

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जयराम ठाकुर ने कहा कि उनकी उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात हुई है। सबसे बड़ी हैरानी की बात सर्दियों में ग्लेशियर का टूटना और इसके चलते बाढ़ जैसे हालात पैदा होना एक नई चुनौती है। निश्चित रूप से हिमाचल प्रदेश को भी प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इस संबंध में नियम कायदे कानून को लेकर सभी पहाड़ी प्रदेशों को सबक सीखने की ज़रूरत है। खासकर हाइड्रो प्रोजेक्ट का काम को लेकर सरकार ज़रूर इन सभी बातों का पूरा ख्याल रखेगी। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों के सकुशल होने के लिए कामना की।

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