शिमला डेस्क: हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के एक ड्राइवर ने अपने कर्तव्य निष्ठा की मिशाल पेश की है। दरअसल, मंगलवार सुबह 9 बजे के करीब 35 यात्रियों से सवार बस को लेकर ड्राइवर श्यामलाल (46) सरकाघाट डिपो से अवाहदेवी जा रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार रास्ते में सधोट के पास अचानक श्यामलाल के सीने में दर्द उठा और वह पसीने से तरबतर हो गए लेकिन इस विपरीत परिस्थिति में भी उन्होंने अपने सूझबूझ का परिचय देते हुए किसी तरह ब्रेक लगाकर बस को रोक दिया और वहीं स्टेरिंग पर ही बेहोश हो गए।
दूसरे बस से यात्रियों को किया गया रवाना:
ब्रेक लगाने के दौरान ही उन्होंने यात्रियों और बस कंडक्टर को अपनी तबियत के बारे में सूचित कर दिया था। यात्री भी आनन-फानन में बस से उतर गए। जिस कारण एक बड़ी दुर्घटना टल गई।
आनन-फानन में ही पीछे से आ रही गाड़ियों से ड्राइवर को हमीरपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
वहीं, घटना की सूचना मिलते ही निगम प्रबंधक नरेंद्र शर्मा भी दूसरी बस लेकर घटना स्थल पर पहुंच गए। दूसरी बस से सवारियों को रवाना किया गया। उन्होंने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि एचआरटीसी श्यामलाल के परिवार के साथ है।




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks