वित्तायोग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा: अगले 5 साल में हिमाचल के अनुदान में भारी कटौती करेगा केंद्र

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वित्तायोग की रिपोर्ट से हुआ खुलासा: अगले 5 साल में हिमाचल के अनुदान में भारी कटौती करेगा केंद्र

शिमला। केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा आम बजट पेश किए जाने के साथ सामने आई 15वें वित्तायोग की रिपोर्ट से एक खुलासा हुआ है, जो कि हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार को परेशानी में डाल सकता है। दरअसल, इस रिपोर्ट से इस बात का पता चला है कि केंद्र सरकार द्वारा अगले 5 सालों में हिमाचल प्रदेश के राजस्व घाटा अनुदान में भारी कटौती की जाएगी। एक तो हिमाचल को वित्तीय वर्ष 2021-22 में चालू वित्त वर्ष से भी कम ग्रांट मिलेगी, जबकि इससे अगले वित्तीय वर्षों में यह कटौती और बढ़ा दी जाएगी। 

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केंद्र सरकार द्वारा यह भारी कटौती किए जाने के बाद हिमाचल के सामने अपने पांव पर खड़ा होने की चुनौती होगी। आम बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह रिपोर्ट संसद के पटल पर रखी है। 15वें वित्तायोग ने आय और व्यय के बीच के अंतर को पाटने के लिए साल 2021 से लेकर 2026 के बीच 37199 करोड़ रूपए का राजस्व घाटा अनुदान तय किया है। जिसमें से इस वित्त वर्ष हिमाचल को 10249 करोड़ रूपए अनुदान मिलेगा, जबकि बीते वित्तीय वर्ष में यह 11431 करोड़ रूपए मिला था। वहीं, इसके बाद अगले वित्तीय वर्ष यानी 2022-23 में यह ग्रांट 9,377 करोड़ होगी। इसी तरह आने वार्षों में कम होते हुए यह वर्ष 2023-24 में 8058 करोड़, 2024-25 में 6258 करोड़ और 2025-26 में 3257 करोड़ रूपए ही रह जाएगा। 

जानें अगले चार साल में केंद्र से कितना पाएगा हिमाचल 

केंद्र से हिमाचल प्रदेश को अगले चार साल में कुल 81,977 करोड़ रूपए का हस्तांतरण होगा। इसमें कुल सहायता अनुदान 46,913 करोड़ रुपये का होगा। केंद्रीय करों और शुल्कों में हिस्सेदारी 35,064 करोड़, अंतरण के बाद राजस्व घाटा अनुदान 37,199 करोड़, स्थानीय निकाय अनुदान 3,049 करोड़, आपदा प्रबंधन 2,258 करोड़, पीएमजीएसवाई सड़कों को 2,222 करोड़ और विशेष राज्य मदद 1420 करोड़ रूपए की मिलेगी। 

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