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हाल ही में संपन्न हुई राज्य योजना बोर्ड की बैठक में राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों और विशेषज्ञों ने सीएम जयराम ठाकुर के सामने इस विषय पर चिंता जताई है। वहीं, कहा यह भी जा रहा है कि ऐसी स्थिति में अगर केंद्र सरकार से हिमाचल को अलग से नया आर्थिक पैकेज नहीं मिला तो चुनावी वर्ष में जयराम सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गौरतलब है कि जीएसटी के लागू होने के बाद नए टैक्स लगाने के कानून का अब कोई अस्तित्व नहीं बच है।
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वहीं, जीएसटी मुआवजे के साथ हनीमून की अवधि खत्म होने जा रही है। ऐसे में अगले साल हिमाचल को सीधे 4000 करोड़ रूपए का नुकसान होगा। बता दें कि हनीमून की अवधि के तहत कुल बजट का सात प्रतिशत अभी हिमाचल जीएसटी मुआवजा मिलता है। वर्तमान व्यवस्था के लागू होने के बाद यह आगे नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि बजट के लिए प्रचुर आर्थिक मदद लाने को गुरूवार को सीएम जयराम ठाकुर नई दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं। जहां पर वह केंद्रीय मंत्रियों से केंद्र से वित्तपोषित योजनाओं पर स्थिति स्पष्ट करेंगे। सीएम जयराम छह मार्च को इस वित्तीय वर्ष का बजट पेश करने जा रहे हैं। इससे पहले वो दिल्ली गए हुए हैं।
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