शिमला/गाजीपुर। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नीट कृषि बिलों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन की सबसे बड़ी आवाज बनकर उभर किसान राकेश टिकैत गाजीपुर बॉर्डर पर अब भी जमे हुए हैं। बीते कल वे हिमाचली रंग में रंगे आए और हिमाचल की शान और पहचान मानी जाने वाली हिमाचली टोपी को उनहोंने अपने सिर पर सजाया। हिमाचल के टावर लाइन शोषित जागरूकता मंच के प्रतिनिधिमंडल ने किसान आंदोलन को अपना समर्थन देने हेतु किसान नेता राकेश टिकैत को गाजीपुर वार्डर पर हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया।
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इस दौरान राकेश टिकैत को प्रतिनिधिमंडल ने मंच से आश्वासन दिया कि इस आंदोलन में हिमाचल प्रदेश के किसान भाग लेंगे और हर प्रकार से इस आंदोलन की मजबूती के लिए सहयोग करेंगे। बता दें कि टावर लाइन शोषित जागरूकता मंच हिमाचल प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित हुए लाखों किसानों की आवाज को बुलंद कर रहा है। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कुल्लू से लुधियाना तक बिछाई गई बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों से प्रदेश के किसानों के संवैधानिक अधिकारों का हनन हुआ है। आवासीय घरों, दुकानों, गोशालाओं को क्षति हुई है।
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मंच के राष्ट्रीय संयोजक रजनीश शर्मा ने कहा कि वे खराब हुई भूमि के अधिग्रहण और उचित मुआवजे हेतु लंबे समय से कंपनी के खिलाफ निष्पक्ष जांच आयोग गठित करवाने की मांग करते रहे हैं। लेकिन अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ है। रजनीश शर्मा ने किसान नेता राकेश टिकैत को किसान आंदोलन को मजबूत करने के लिए आश्वस्त किया। कहा कि पूरे प्रदेश में लगभग 15 लाख से ज्यादा ट्रांसमिशन लाइनों से प्रभावित किसान संयुक्त किसान मोर्चा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन को मजबूत करने के लिए योगदान देंगे।
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