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बता दें कि नियमों के अनुसार जमीन खरीदने के लिए लोन नहीं लिया जा सकता है, सिर्फ निर्माण कार्य के लिए बैंक से लोन लेने का प्रावधान है। अब इस मामले में तत्कालीन सेवानिवृत्त और वर्तमान अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। हिमुडा ने धर्मशाला के नरघोटा, सिरमौर जिले के सोहाला, जाठिया देवी और जिला ऊना के छैंत्रा में जमीन की खरीद हुई है।
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हिमुडा से मिली जानकारी के मुताबिक सोहाला में वर्ष 2017, नरघोटा, जाठिया देवी और छैंत्रा में वर्ष 2018 में जमीन खरीदी गई है। नेताओं की मिलीभगत से इस कार्यों को अंजाम दिया गया है। हिमुडा ने लोन लेने में भी चालाकी दिखाई है। सरकार की गारंटी पर यह लोन लिया गया है। अब हिमुडा की ओर से ब्याज की किस्त नहीं लौटाई जा रही है। सरकार भी हिमुडा के इस कारनामे से परेशान है। कोष खाली है और कंस्ट्रक्शन के लिए पैसा नहीं है। वहीं, सरकार द्वारा हाथ खड़े कर दिए जाने के बाद अब कर्मचारियों का क्या होगा यह सोच का विषय है।
कहां कितनी जमीन खरीदी
क्षेत्र जमीन लोन (करोड़ों में)
नरघोटा 664 कनाल 37.30
सोहाला 570 बीघा 30
जाठिया देवी 245 बीघा 33.98
छैंत्रा 650 कनाल 28.68
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