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इस स्कीम के तहत 200 पात्र युवाओं को 6 महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए युवाओं की उम्र कम से कम 21 वर्ष होगी चाहिए और वो स्नातक की परीक्षा पास कर चुके हों। जिसके बाद स्क्रीनिंग टेस्ट होगा और फिर उन्हें पास करने युवाओं को ट्रेनिंग के लिए चुना जाएगा। ICAI प्रेसीडेंट अतुल गुप्ता ने कहा कि इस स्कीम में ट्रेनिंग पाने वाले सभी युवाओं को नौकरी मिलेगी। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर और अन्य कंपनियों में नौकरियां दिलाई जाएंगी।
आईसीएआई इस स्कीम के तहत युवाओं को अकाउंटिंग, टैक्स से जुड़ी दिक्कतों को सुलझाने की ट्रेनिंग, जीएसटी, इनकम टैक्स से जुड़ी दिक्कतों को सुलझाने की ट्रेनिंग देगी। इस ट्रेनिंग में स्थानीय एनजीओ की भी मदद ली जा सकती है, जो युवाओं को स्कीम से जोड़ने का कार्य करेगी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुन ने कहा कि ये ट्रेनिंग पूरी होने के बाद युवाओं को देश के जाने माने चार्टर्ड एकाउंटेंट्स के पास इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। और उन्हें आईसीएआई के जॉब पोर्टल की सहायता से प्लेसमेंट दिलाया जाएगा।
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इस ट्रेनिंग प्रोग्राम की फीस 3,540 रखी गई है, जिसमें टैक्स जोड़े जाएंगे। ये राशि एडमिशन और एग्जाम फीस के तौर पर ली जाएगी। इसे रेजिडेंशियल प्रोग्राम के तौर पर शुरू किया जाना था, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए फिलहाल इसे ऑनलाइन माध्यम से शुरू किया जा रहा है। इस पायलट प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद इस पूरे देश में लागू किया जाएगा।
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