फतेहपुर। हिमाचल प्रदेश के फतेहपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक सुजान सिंह पठानिया (78) का निधन हो गया है। बतौर रिपोर्ट्स, वे काफी समय से बीमार चल रहे थे। सुजान सिंह पठानिया हिमाचल कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते थे। वे 11 बार चुनाव लड़े थे, जिसमें से वे 4 बार हारे थे और 7 बार जीते थे। वे हिमाचल प्रदेश की 13वीं विधानसभा में दिसंबर 2017 में 7वीं बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने 1977 में पहला चुनाव लड़ा था। जबकि 1982, 85, 92 और 2007 में चुनावों में उन्हें हार नसीब हुई थी।
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सुजान सिंह पठानिया का जन्म आजादी से पहले 22 सितंबर 1943 को लाहौर (पाकिस्तान) में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा हासिल करने के बाद बीए करके उन्होंने फॉरेस्ट रेंजर्स कॉलेज देहरादून से फॉरेस्ट्री में दो साल का प्रशिक्षण हासिल किया। इसके बाद हिमाचल प्रदेश के वन विभाग में रेंज अधिकारी के तौर पर सेवाएं दीं। फिर 1977 में वे जनता पार्टी में शामिल हो गए और अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके 3 वर्षों बाद बाद में 1980 में कांग्रेस में शामिल हो गए।
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सबसे पहले 1977 में राज्य विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए। इसके बाद 1990, 1993, 2003 नवंबर, 2009 (उपचुनाव) में जवाली विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से और 2012 में फतेहपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से पुन: निर्वाचित हुए। बता दें कि साल 2007 में परिसीमन से पहले फतेहपुर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र को जवाली के रूप में जाना जाता था। वे 1982-83 में राज्य वन निगम के उपाध्यक्ष, 1984-85 में राज्य आवास बोर्ड के उपाध्यक्ष, 1995-98 तक कृषि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और अगस्त 2007 से दिसंबर 2007 परिवहन मंत्री भी रहे। इसके अलावा 2012 से 20 दिसंबर 2017 तक ऊर्जा मंत्री गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के अतिरिक्त प्रभार के साथ कृषि मंत्री भी रहे।
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