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संसद में रखी अपनी रिपोर्ट में पंद्रहवें वित्तायोग ने हिमाचल प्रदेश सरकार को सुझाव दिया है कि संपत्ति कर की दरों को बढ़ाने से पंचायतों की आमदनी बढ़ेगी। अब ऐसे में माना जा रहा है कि पंचायतों में यूजर्स चार्जेस का परिचय करवाया जा सकता है। बता दें कि राज्य में संपत्ति कर भी पंचायतें नाममात्र का ही लगाती हैं लेकिन अब इसकी दरें भी संशोधित की जा सकती हैं।
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गौरतलब है कि कई राज्यों में ग्राम पंचायतें यूजर्स चार्जेस लगा रही हैं। अब ऐसे में हिमाचल प्रदेश सरकार बाहरी राज्यों के यूजर्स शुल्क के मॉडल का अध्ययन कर सकती है। बता दें कि कई राज्यों में पानी की आपूर्ति पंचायतें करती हैं। इसके अलावा पंचायतों में पार्किंग की व्यवस्था भी है तो इसके भी यूजर्स चार्जेस लिए जाते हैं। ऐसी तमाम परियोजनाओं को पंचायतों में बनाया जा सकता है, जिनकी सेवाओं की एवज में ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों से यूजर्स चार्जेस ले सकें। इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी।
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