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यही नहीं पीएमजीएसवाइ सड़कों के लिए भी उत्तराखंड को अपेक्षाकृत ज्यादा राशि प्राप्त हुई है। उत्तराखंड को आयोग ने 89845 करोड़ और हिमाचल को 81977 करोड़ की राशि देने की सिफारिश की। केंद्रीय करों में भी उत्तराखंड की हिस्सेदारी हिमाचल से अधिक है। केंद्र सरकार आम बजट के साथ इस सिफारिश को भी मंजूरी दे चुकी है। अब इस पूरे मामले को उत्तराखंड सरकार की पैरवी की सफलता कहा जाए या हिमाचल सरकार की नाकामी- कुछ समझ नहीं आ रहा। नीचे दिए गए आंकड़ों पर भी एक बार नजर जरूर दौडाएं।
मद, उत्तराखंड हिमाचल
केंद्रीय कर, 47234, 35064
राजस्व घाटा अनुदान, 28127, 37199
स्थानीय निकाय, 4181, 3049
आपदा प्रबंधन, 5178, 2258
स्वास्थ्य, 728, 377
पीएमजीएसवाइ, 2322, 2222
सांख्यिकी, 25, 21
न्याय, 70, 50
उच्च शिक्षा, 83, 70
कृषि, 277, 247
राज्य विशेष, 1600, 1420
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