नई दिल्ली। संसद में जारी बजट सत्र के बीच कृषि कानूनों को लेकर सड़क से लेकर संसद तक संग्राम छिड़ा हुआ है। किसान सड़क पर हैं तो अलग-अलग दलों के सांसदों के बीच संसद में सियासी संग्राम देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार 9 फरवरी को संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों को लेकर बहस हुई। सत्ता और विपक्ष दोनों के पास कृषि कानूनों को लेकर अपने-अपने तर्क थे। सत्ता पक्ष इन कानूनों को सही तो विपक्ष गलत बता रहा था।
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मंगलवार 9 फरवरी को संसद के दोनों सदनों में कृषि कानूनों को लेकर बहस हुई। इसी दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि नए कृषि कानूनों के मुताबिक मंडियों को खत्म किया जा रहा है। जिसके बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने रवनीत बिट्टू से पूछा कि वो किसानों और देश को भ्रमित ना करें और ये बताएं कि कृषि कानूनों में मंडियां खत्म करने का जिक्र कहां है।कांग्रेस सांसद रवनीत बिट्टू ने लोकसभा में कहा कि ये तीनों कृषि कानून काले कानून हैं और इन कानूनों के मुताबिक सरकार मंडियां खत्म करके निजी मंडिया बनाएगी।
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इसी बीच वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद को रोकते हुए पूछा कि वो सदन में बताएं कि कृषि कानूनों में ये कहां लिखा है कि मंडियों को समाप्त किया जाएगा। अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि वो किसानों को और देश को गुमराह कर रहे हैं। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस को अपनी सियासत की पड़ी है और ये किसान के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं क्योंकि कृषि कानूनों में कहीं भी ऐसा जिक्र नहीं है कि मंडियां खत्म की जा रही हैं।
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