धर्मशाला। पिछले दस सालों से लटके हुए केंद्रीय विश्वविद्यालय के बनने का रास्ता अब पूरी तरह से साफ़ हो गया है। दरअसल, सीयूएचपी के भवन निर्माण कार्य के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने करीब 510 करोड़ रूपए जारी कर दिए हैं। वहीं, दूसरी तरफ देहरा में बनने वाले सीयूएचपी के भवन के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी संपन्न हो चुकी है। अब केवल औपचारिकताएं पूरी होते ही भवन निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।
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मिली जानकारी के मुताबिक़ सीयूएचपी के भवन निर्माण के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय की ओर से लगभग 510 करोड़ रूपए के बजट का प्रावधान कर दिया गया है। देहरा में सीयूएचपी के भवन निर्माण के लिए जितनी भूमि की जरूरत है, उतनी भूमि सीयू प्रशासन के नाम की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि अन्य औपचारिकताएं पूरी होते ही पांच-छह माह के अंदर भवन का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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वहीं, दूसरी तरफ जिला मुख्यालय धर्मशाला में बनने वाले सीयूएचपी के कैंपस के भवन निर्माण के लिए अभी भी पेंच फंसा है। यहां पर भूमि सीयूएचपी प्रशासन के नाम नहीं हो सकी है। यहां आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए इसी सप्ताह केंद्र की वन विभाग से संबंधित टीम धर्मशाला का दौरा करेगी।
सीएम जयराम-अनुराग भी आए थे आमने-सामने
सीयू के जल्द निर्माण को लेकर नवंबर में एक जनसभा के दौरान सीएम जयराम ठाकुर और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर के बीच सार्वजनिक मंच पर सियासी नोकझोंक हुई थी। अनुराग ने खुले मंच से प्रदेश सरकार पर सीयूएचपी के नाम जमीन ट्रांसफर न करने का मामला उठाने के साथ अफसरों पर निशाना साधा था। इसके बाद सरकार ने जमीन सीयूएचपी के नाम करने में तेजी लाई थी। इसी बीच सीएम के बचाव में आए देहरा के विधायक होशियार सिंह ने केंद्रीय राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर पर निशाना साधा था कि केंद्र सरकार ने 510 करोड़ रूपए केंद्रीय विवि के खाते में नहीं डाले।
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