यह भी पढ़ें: हिमाचल: मासूम के सिर पर आ गिरी लोहे की प्लेट, नहीं बचा 6 बहनों का इकलौता भाई
दरअसल, अनिल शर्मा ने मंडी में एस्ट्रोटर्फ मैदान के साथ इंडोर स्टेडियम वाले खेल परिसर के निर्माण को स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर करने का सवाल उठाया तो खेल मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर जहां ये निर्माण प्रस्तावित था, उसका एनओसी नहीं मिला है, इसलिए इसके लिए मंडी से आठ किलोमीटर दूर वन विभाग की जमीन पर काम शुरू किया गया है।
यह भी पढ़ें: हिमाचल का बिजनेसमैन हुआ अरेस्ट: महाराष्ट्र में इस तरह करता था चरस की सप्लाई
अनिल शर्मा इसे स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर ही बनाने का मामला उठाते रहे तो इस पर मंत्री बोले कि इससे पहले विधायक ने उनके ध्यान में मामला नहीं लाया। दोनों में हल्की नोकझोंक के बीच सीएम जयराम ठाकुर ने हस्तक्षेप किया और कहा कि अगर कहीं और जमीन है तो इस बारे में जल्दी करें और देरी न की जाए। अनिल शर्मा ने इस खेल परिसर के लिए भूमि हस्तातंरण का मामला उठाया तो मंत्री पठानिया ने कहा कि मंडी कस्बे में रघुनाथ का पद्दर में खेलो इंडिया योजना में जमीन चिन्हित की गई थी, यह स्वास्थ्य विभाग के नाम पर है।
ऐसे में डीसी मंडी ने यह मामला खेल विभाग और अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य के समक्ष एनओसी के लिए उठाया है। लेकिन इस बारे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि यहां इस विभाग का जोनल प्रशिक्षण केंद्र प्रस्तावित है। अनिल शर्मा ने कहा कि मंडी शहर में नगर निगम बनने जा रहा है। यह क्षेत्र नगर निगम क्षेत्र में ही आता है। मंडी के अंदर जमीन है। मंत्री दोबारा से विचार करें। 25 बीघा जमीन स्वास्थ्य विभाग की खाली पड़ी है, उस पर इसे बना सकते हैं। अनिल शर्मा का वक्तव्य लंबा खिंचते देख विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने उन्हें टोका कि वह सवाल करें।
यह भी पढ़ें: शिमला से अरेस्ट हुए युवक: लूटना चाह रहा था 5वीं की छात्र की आबरू, नहीं मानी तो गला दबाकर दफनाया
इस पर अनिल शर्मा बोले कि यह प्रश्न ही है। आगे मंत्री राकेश पठानिया ने कहा कि एनओसी नहीं मिला है। स्थानीय विधायक होने के नाते इसे करवा सकते हैं। इतना वक्त उन्हें मंत्री बने हो गया, पर इस बारे में जिक्र तक नहीं किया गया। अगर वह कुछ कर सकते हैं, तो डीसी के साथ बैठें। इस पर कार्रवाई करेंगे। सीएम जयराम ठाकुर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता है कि मंडी में जहां जमीन का विषय है, स्वास्थ्य विभाग का अपना तर्क है। सरकार की इच्छा है कि यह का काम जल्दी शुरू हो। अगर अच्छी जगह उपलब्ध हो तो वहां करें। पर जल्दी मिले तो हम जल्दी शुरू करना चाहते हैं।
हिमाचल प्रदेश से जुडी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप




0 टिप्पणियाँ
Please do not enter any spam link in the comment box. Thanks