एफआईआर क्यों की गई, ये समझ से परे है
नेगी ने कहा कि डेडलॉक को खत्म करने के लिए राज्यपाल भी पहल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति हैं, भगवान नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण पर सीएम को माफी मांगी चाहिए। क्योंकि सत्र के पहले ही दिन सुरक्षा में चूक हुई है। इसे सरकार की मानसिक चूक कहा जाएगा। नेगी ने कहा कि कांग्रेस विधायकों पर दोहरी कार्रवाई की जा रही है। जब उन्हों विधानसभा के सत्र से निलंबित कर दिया है को उनके खिलाफ एफआईआर क्यों की गई। ये समझ से परे है।
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बकौल कांग्रेस विधायक इससे पहले उन्होंने विधानसभा के अंदर प्वाइंट ऑफ आर्डर के तहत चर्चा मांगी तो कोई सुनवाई नहीं की गई तो विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया। उन्होंने कहा कि एक अपराध के लिए दो बार मामला दर्ज नहीं होना चाहिए। सदन के बाहर जब हंगामा हुआ तो केवल चार मिनट में दोबारा हाउस बुला लिया गया। हाउस को फिरसे बुलाने के लिए 48 घंटे का समय मिलना चाहिए था।
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