बेटी की बीमारी से परेशान 'हिमाचली बुजुर्ग' चलती ट्रेन के आगे कूदा, नहीं बची जान

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बेटी की बीमारी से परेशान 'हिमाचली बुजुर्ग' चलती ट्रेन के आगे कूदा, नहीं बची जान

सिरमौर/यमुनानगर। शख्स जब परिस्थितियों के आगे मजबूर हो जाता है, तो उसके पास अपनी जान गंवाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। हालांकि ऐसा करना नहीं चाहिए। कुछ इसी तरह की परिस्थित आ खड़ी हुई थी, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग के सामने। जिले के नवादा गांव के रहने वाले ओमप्रकाश ने मानसिक तनाव से ग्रस्त होकर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। 

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बताया जा रहा है कि शख्स की बेटी मानसिक बीमारी से पीड़ित थी और उसकी उम्र भी 35 साल हो चुकी थी। इस उम्र में भी बेटी का विवाह ना होने और उसकी हालत देखकर शख्स हमेशा परेशान रहा करते थे। इसी तनाव से ग्रस्त होकर उन्होंने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। 

कचहरी में टाइपिस्ट का काम करता था बुजुर्ग शख्स 

मिली जानकारी के मुताबिक़ लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही गाड़ी संख्या 15011 एक्सप्रेस यमुनानगर जगाधरी स्टेशन से चलकर जब गांधीनगर फाटक के पास पहुंची तो वहीं पास खड़ा बुजुर्ग ट्रेन के आगे कूद गया। ट्रेन बुजुर्ग को दूर तक घसीटती ले गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक के कपड़ों की तलाशी ली तो उसकी जेब से मिले पहचान पत्र से उसकी शिनाख्त हुई। 

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पावंटा साहिब निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि उसके पिता 70 वर्षीय ओम प्रकाश कचहरी में टाइपिस्ट थे। काफी समय से वे बीमार होने के कारण घर पर ही रहते थे। राजेंद्र ने बताया कि वह और उसका भाई नरेंद्र नौकरी करते हैं। जबकि उनकी 35 वर्षीय बहन अविवाहित है। उनकी बहन बचपन से ही मानसिक रूप से बीमार है। काफी इलाज के बाद भी उसकी बहन ठीक नहीं हो सकी। बेटी की हालत के कारण उसके पिता काफी चिंतित रहते थे। जिससे उनका स्वास्थ्य भी बिगड़ने लगा। 

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राजेंद्र ने बताया कि बेटी के कारण उसके पिता मानसिक रूप से परेशान रहते थे। उनका यमुनानगर के एक अस्पताल से इलाज चल रहा था। वे अक्सर दवा लेने यमुनानगर आते थे। 10 दिन पहले भी वे पिता की दवाई लेने आए थे। बुधवार को भी वे दवाई लेने आए थे। इस दौरान उसके पिता अचानक कहीं चले गए। जिसके बाद पुलिस द्वारा उनकी मौत की सूचना मिली। 

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