अनिल और BJP के अजब प्रेम की गजब कहानी; मंच से विरोध के बाद विधानसभा में मिली जिम्मेदारी

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अनिल और BJP के अजब प्रेम की गजब कहानी; मंच से विरोध के बाद विधानसभा में मिली जिम्मेदारी

शिमला/मंडी। राजनीति क्या है- इसे समझना लगभग नामुमकिन के बराबर की बात है। इस सब के बीच हिमाचल प्रदेश की राजनीति में काफी समय से चर्चा का केंद्र बने हुए बीजेपी के बागी माने जा रहे विधायक अनिल शर्मा से जुडी हुई एक बड़ी खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां सीएम जयराम ठाकुर और अन्य मंत्रियों समेत कई नेताओं और अनिल शर्मा के बीच तनातनी का माहौल बना हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ अनिल शर्मा को विधानसभा में जिम्मेदारी दे दी गई है। 

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अब बीजेपी सरकार और अनिल शर्मा के बीच उपजे अज़ब प्रेम की गज़ब कहानी को समझना और भी मुश्किल होता जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने अगले साल के लिए अपनी समितियों की घोषणा कर दी है। विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक़ कुल 16 समितियों का गठन नए सिरे से किया गया है। इसमें सबसे महत्वपूर्ण लोक लेखा समिति की अध्यक्ष कांग्रेस की वरिष्ठ विधायक आशा कुमारी होंगी। वह पहले से ही यह समिति देख रही हैं। 

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लेकिन बीजेपी विधायक होने के बावजूद सीएम जयराम ठाकुर के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले मंडी के विधायक अनिल शर्मा को विधानसभा ने जन प्रशासन समिति की जिम्मेदारी दी है। प्राक्कलन समिति यानी ऐस्टीमेट कमेटी को बीजेपी के वरिष्ठ विधायक रमेश धवाला और लोक उपक्रम समिति को बीजेपी विधायक कर्नल इंद्र सिंह देखेंगे। कल्याण समिति बीजेपी विधायक बलबीर सिंह की अध्यक्षता में बनाई गई है, जबकि अधीनस्थ विधायन समिति बीजेपी विधायक नरेंद्र ठाकुर की अगुवाई में काम करेगी। 

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