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आवेदन नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों को नेशनल पेंशन सिस्टम के प्रावधानों के तहत फायदा मिलता रहेगा। पहली जनवरी 2004 से 28 अक्टूबर 2009 के बीच नौकरी पाने वाले और सीसीएस पेंशन नियमों के तहत पेंशन लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को पहले की तरह फायदा मिलता रहेगा। इस बाबत कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन विभाग ने राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत आने वाले केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों की सेवाओं के मामलों को नियमित करने के लिए ही ये अधिसूचना जारी की है।
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एक रिपोर्ट के अनुसार इससे केंद्र सरकार के कर्मचारियों को बडी सुविधा होगी। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पहली जनवरी 2004 से 28 अक्टूबर 2009 के बीच पुरानी पेंशन प्रणाली के तहत पिछली सेवाओं की काउंटिंग का लाभ नहीं मिलने के चलते सरकारी कर्मचारियों को पहली जनवरी 2004 के बाद और 28 अक्टूबर 2009 तक नियुक्ति से पहले वालंटियर रिटायरमेंट लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। ऐसे मामलों में कर्मचारियों के वालंटियर रिटायरमेंट लेने को टेक्निकल रिटायरमेंट माना जाएगा। ऐसे सरकारी कर्मचारी भी पुरानी पेंशन स्कीम का लाभ लेने के हकदार होंगे।
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इन कर्मचारियों को पिछली सेवाओं की काउंटिंग का लाभ लेने के लिए जरूरी बाकी सभी शर्तें पूरी करनी होंगी। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक ओपीसी का विकल्प चुनने की सुविधा उन कर्मचारियों को मिलेगी, जो रेलवे पेंशन नियमों या सीसीएस पेंशन नियमों 1972 के साथ-साथ पुरानी पेंशन स्कीम के तहत आने वाले दूसरे केंद्रीय संस्थानों या सीसीएस पेंशन नियमों जैसी पुरानी पेंशन स्कीम के तहत आने वाले राज्य सरकार के विभागों या स्वायत्त संस्थाओं में पहली जनवरी 2004 से पहले नियुक्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के पेंशनभोगी विभाग या कार्यालय में नियुक्ति के लिए इस्तीफा दे दिया था।
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