हिमाचल: निर्माणाधीन एम्स में महिला कर्मियों से अश्लील हरकत, शुरू हुआ विरोध

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल: निर्माणाधीन एम्स में महिला कर्मियों से अश्लील हरकत, शुरू हुआ विरोध

बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले स्थित कोठीपुरा में निर्माणाधीन एम्स में महिला कामगारों के साथ अश्लील हरकतें किए जाने का मामला सामने आने के बाद जनता में आक्रोश है। आरोप है कि एम्स में कार्यरत महिलाओं के साथ कंपनी के अधिकारी दुव्र्यवहार और अश्लील हरकतें करते हैं। विरोध करने वाली महिलाओं को नौकरी से निकाल देते हैं, जिससे महिलाओं की आवाज दबने लगी है। बिटिया फाउंडेशन सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व एम्स प्रशासन को छेडख़ानी की इन घटनओं को लेकर चेता दिया है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: तीन दिन बाद होने हैं चुनाव- लगातार बढ़ रहा कोरोना बढ़ाएगा मुश्किलें!

पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि अगर एम्स कोठीपुरा में कुछ निर्माण एंजेसियों में कार्यरत विशेष कर महिला कामगारों के साथ  दुव्यर्वहार व उन्हें प्रताड़ित करने जैसी घटनाएं बंद नहीं हुईं तो उन्हें इसके खिलाफ संघर्ष का रास्ता अपनाना होगा। संस्थाओं ने महिलाओं के साथ हुई छेडख़ानी की घटनाओं की कडे शब्दों में निंदा की है। पत्रकारों से चर्चा करते हुए बिटिया फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सांख्यान ने कहा कि एम्स की निर्माण एंजेसियों में कार्यरत स्थानीय महिलाओं के साथ बाहरी राज्यों से आए कुछ लोगों द्वारा न केवल अश्लील हरकतें की गईं, बल्कि उनके मोबाइल फोन पर भी गलत मैसेज भेजे गए। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: नगर निगम चुनाव के बीच वायरल हुआ ऑडियो टेप, पत्नी-मां की धमकी तक दे डाली

पीडित महिलाओं ने उनकी संस्था व अर्धनारेश्वर समाज सेविका समिति की अध्यक्ष बिजली मंहत से संपर्क किया। उसके बाद उन लोगों के खिलाफ पुलिस के माध्यम से कार्रवाई की गई। लेकिन शिकायत करने वाली महिलाओं के पूरे गु्रप को ही नौकरी से निकाल दिया गया। वहीं कुछ महिलाएं नौकरी खो जान के भय ये खुलकर सामने नहीं बोल रही हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व एम्स प्रशासन से इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: महीने भर स्पेन में फंसे रहे हिमाचली बॉक्सर आशीष: दो बार हुआ कोरोना, कोच के साथ भी ऐसा

विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश संयोजक एवं अधिवक्ता तुषार डोगरा ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि एम्स में  क्लास थ्री  व क्लास फोर के पदों पर स्थानीय लोगों की तैनाती की गई है। वहां पर कार्यरत कुछ निर्माण एंजेसियों के अधिकारियों द्वारा महिलाओं के साथ दुव्यर्वहार की शिकायतें लगातार आ रही हैं। अगर पर प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन व एम्स प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई नहीं की तो इस मुददे पर बिलासपुर का समाज एकत्रित होकर इसके खिलाफ खड़ा होगा।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: पुलिसवालों ने अपने साथी जवान को धो डाला, लोगों ने चौकी का घेराव कर जाम किया NH

इस पत्रकारवार्ता को परमार्थ संस्था के अध्यक्ष सलेंद्र भडोल, अर्धनारेश्वर समाज सेविका समिति की अध्यक्ष बिजली मंहत ने भी संबोधित किया। इन संस्थाओं ने प्रदेश सरकार व एम्स प्रशासन से सर्वप्रथम बिलासपुर तथा इसके साथ लगती ग्राम पंचायतों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि एम्स में बिलासपुर एवं हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों की अपेक्षा कर बाहरी राज्यों के लोगों को तरजीह दी जा रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर बिटिया फाउंडेशन ने विभिन्न पंचायतों की महिलाओं को भी सम्मानित किया।

हिमाचल प्रदेश से जुडी हर अपडेट पाने के लिए यहां क्लिक कर डाउनलोड करें News 4 Himalayans का मोबाइल एप 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ