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दरअसल, विधानसभा की समिति द्वारा सूबे से अवैध शराब की तस्करी और राजस्व को लेकर चिंता जताई थी। इस मसले को लेकर समिति का कहना है कि तस्करी रोकने के लिए जोन के साथ अब जिला स्तर पर फ्लाइंग स्कवायड बनाए जाएं, जिससे वह छापे मारकर अवैध शराब की बिक्री को रोक सकें। इसी तरह आय बढ़ाने के लिए शराब की बिक्री को गैस स्टेशनों और पेट्रोल पंपों पर शुरू करने के लिए इजाजत देने की बात कही।
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चूंकि, कुछ समय पहले तक नीति में शर्तों के साथ ऐसी व्यवस्था थी, लेकिन किन्हीं कारणों उसे खत्म कर दिया गया। अब समिति की सिफारिश के बाद से फिर से पेट्रोल पंपों पर चुनिंदा शराब उत्पादों की बिक्री की इजाजत देने पर विचार शुरू कर दिया है। हालांकि इस बात का अनुमान भी लगाया जा रहा है कि जयराम सरकार द्वारा अगर इस मसले पर निर्णय लिया जाता है, तो सूबे का एक तबका जो शराब बंदी की मांग करता है वो इसके विरोध भी कर सकता है।
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