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जवान पति की पार्थिव देह को देख उनकी पत्नी बेसुध हो गई। जवान की अंतिम यात्रा टिकरा बावड़ी के पास बने घर से निकाली गई। आपको बता दें कि चार अप्रैल को नरेश ठाकुर डयूटी पर थे, जहां उन पर आसमानी बिजली गिरी थी ,जिसके के कारण वह शहीद हुए थे। इस घटना के तीन दिन बाद बुधवार को शहीद जवान का पार्थिव देह कुल्लू पहुंचाया गया है।
माता-पिता, पत्नी और दो बच्चों को पीछे छोड़ गए हैं जवान
मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा उस समय हुआ जब जवान पश्चिम बंगाल के सिंगुर क्षेत्र में अपनी सेवा दे रहे थे, खराब मौसम के कारण आसमानी बिजली गिरी और जवान बेहोश हो गए। बीएसएफ के अन्य अधिकारियों और जवानों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन इस दौरान जवान अपना दम तोड़ चुके थे।
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41 वर्षीय शहीद जवान की मौत से पिता देवी सिंह, माता कमला देवी, पत्नी सत्या सहित दो बेटों को गहरा अघात पहुंचा है। एसडीएम कुल्लू अमित गुलेरिया ने बताया कि पूरे सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया है। इस दौरान कुल्लू सदर के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, एसडीएम कुल्लू डॉ अमित गुलेरिया, डीएसपी प्रियंक गुप्ता भी शामिल रहे।
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