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पांच और छह अप्रैल को मैदानी और मध्य पर्वतीय जिलों ऊना, चंबा, कांगड़ा, मंडी और और शिमला के कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी हुआ है। इस दौरान हवाओं की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी। बता दें कि 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को सामान्य हवा माना जाता है।
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20 से 30 किलोमीटर की गति वाली हवाओं को मध्यम गति की हवाएं कहा जाता है। इसके साथ ही 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार को तेज हवाएं या आंधी कहा जा सकता है। इसके उपर 40 से 50 किलोमीटर की गति को अंधड़ माना जाता है। इससे अधिक की गति वाली हवाओं को तूफान कहा जाता है।
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तूफान से पेड़ आदि भी उखड़ सकते हैं।वहीं, शुक्रवार सुबह से राजधानी शिमला सहित प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, साल 2015 में सामान्य से 82 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई थी और 2016 में सामान्य से 7 फीसदी अधिक बारिश हुई थी।
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इसके बाद से प्रदेश में लगातार मार्च महीने में कम बारिश हो रही है। साल 2015 में 85 फीसदी ज्यादा बारिश हुई थी। 2016 में 7 फीसदी ज्यादा पानी बरसा था, लेकिन 2017 में 50 फीसदी कम, 2018 में 67 फीसदी कम, 2019 में 45 फीसदी कम, 2020 में 58 फीसदी कम और 2021 में अब 62 फीसदी कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।
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