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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू ज़िले के कमांडो बालकृष्ण जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा में अपनी सेवा दे रहे थे। बीते साल पांच अप्रैल को हुए आंतकी हमले में कुल्लू के कमांडो अपनी जान गंवा बैठे। शहीद कमांडो बालकृष्ण का पैतृक गांव पुईद में है। प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया था कि शहीद बालकृष्ण के नाम पर कुल्लू बस स्टैंड नामकरण किया जाएगा और प्रतिमा बनवाई जाएगी। परन्तु एक साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोई पहल नहीं की, जिससे साल के इंतजार करने के बाद परिजनों ने खुद इस काम का बीड़ा उठाया।
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उन्होंने अपने घर के आगन में शहीद की प्रतिमा बनवाई और एक म्यूजियम खोला है। बीते दिन 4 अप्रैल 2021 को स्टेशन कमांडर पलचान नरेश बरमोला ने प्रतिमा की पूजा के बाद अनावरण किया। नरेश बरमोला ने बताया की प्रतिमा को देखकर ऐसा लगता है कि मानो शहीद बालकृष्ण स्वयं मौजूद हों।
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शहीद कमांडर के पिता महेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने सरकार और प्रशासन मांग की थी कि शहीद के नाम से महाविद्यालय, अस्पताल, बस स्टैंड और चौक का नामकरण किया जाए। उन्होंने कहा डीसी कुल्लू, कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और अन्य नेताओं से भी आग्रह किया था। लेकिन सरकार प्रशासन की तरफ से इसके लिए कोई प्रयास नहीं किया गया, जिससे हमें काफी दुःख है। भारत माता की रक्षा के लिए प्राणों को न्यौछावर करने वाले शहीदों को सम्मान दिया जान चाहिए।
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पूईद पंचायत के प्रधान सर चंद ने बताया कि डीसी कुल्लू ऋचा वर्मा ने आश्वासन दिया था कि महाविद्यालय, अस्पताल, बस स्टैंड शहीद के नाम और चौक का पर नामकरण किया जाएगा। लेकिन सरकार और प्रशासन ने कुछ नहीं किया है। हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा कि शहीद के नाम पर किसी स्थल का नामकरण किया जाए।
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