मंडी का दंगल: आश्रय ने किया पिता अनिल का गुणगान, तो भड़क उठीं कौल की बेटी चंपा

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मंडी का दंगल: आश्रय ने किया पिता अनिल का गुणगान, तो भड़क उठीं कौल की बेटी चंपा

मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले स्थित सदर विधानसभा सीट की सियासत अब पारिवारिक कलह का रूप धारण करती जा रही है। इस सब के बीच सांसद रामस्वरूप शर्मा के निधन के बाद खाली हो गई लोकसभा सीट की वजह से जिले की सियासत का पारा अब सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पिछली बार जहां लोकसभा चुनाव में अपने बेटे आश्रय शर्मा को अंदरखाते से समर्थन देने की वजह से अनिल शर्मा को अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा था। 

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वहीं, अब विधानसभा चुनाव से पहले सिर पर आ पड़े लोकसभा चुनाव के चलते शर्मा परिवार को एक बार फिर से मजबूत होते देखा जा रहा है। इस सब के बीच कांग्रेस के कद्दावर नेता कौल सिंह ठाकुर की बेटी चंपा ने भी अपनी उम्मीदवारी को लेकर ताल ठोंक रखी है। इस बीच मंडी नगर निगम के चुनावों में भी कलह खुलकर सामने आने लगी है। 

मंच छोड़कर चली गईं चंपा ठाकुर 

एक तरफ जहां तल्याहड़ में चुनाव प्रचार में कांग्रेस के प्रदेश महासचिव आश्रय शर्मा ने अपने दादा सुखराम और पिता बीजेपी विधायक अनिल शर्मा का गुणगान किया। वहीं, इस बात से नाराज सदर मंडी से प्रत्याशी रहीं पूर्व मंत्री कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर मंच छोड़कर चली गईं। मंच छोड़ने से पहले चंपा ठाकुर ने सुखराम परिवार पर निशाना साधते हुए यह तक कह डाला कि इस प्रकार का गुणगान कांग्रेस के लिए नुकसानदायक हो सकता है। 

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कांग्रेस का घोषणा पत्र पूर्व मंत्री और कांग्रेस के प्रचार समिति के अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर ने जारी किया। इसमें सुखराम परिवार ने दूरी बनाए रखी। घोषणा पत्र में वीरभद्र के साथ सुखराम का फोटो भी चर्चा में रहा। लेकिन घोषणा पत्र जारी करने के अहम दिन आश्रय नदारद रहे। उधर, तल्याहड़ में चुनावी सभा और घोषणा पत्र जारी होने के वक्त सुखराम परिवार की गैरमौजूदगी पर कौल सिंह ने कहा कि चुनावों में ऐसी छोटी बातें होती रहती हैं। हम निगम चुनाव एकजुट होकर लड़ रहे हैं। आश्रय प्रचार में व्यस्त हैं।  

मौके को भुनाने में जुटी है बीजेपी 

इधर, बीजेपी ने इसे मुद्दा बनाते हुए बेशक चुटकी ली है। लेकिन सुखराम परिवार की ओर से बिछाई गई सियासी बिसात में बीजेपी को भी कई वार्डों में बगावत का खतरा है। क्योंकि अनिल शर्मा के साथ बीजेपी में शामिल हुए कई चेहरे नगर निगम चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। ऐसे में डैमेज कंट्रोल में बीजेपी ने पूरी ताक झोंक दी है। यहां तक कि सीएम जयराम ठाकुर ने दो दिवसीय दौरे में वोटरों की नब्ज टटोलते हुए मंडी का सीएम और नगर निगम के तोहफे आदि मुद्दों पर चुनावी जनसभाएं करते हुए इमोशनल कार्ड भी बखूबी खेला है। 

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