ऊना: महामारी के इस विकट समय में लोगों के अंदर की इंसानियत भी खत्म हो गई है। मामला ऊना जिले का है जहां कोरोना संक्रमण से 72 साल की महिला की मौत के बाद गांव वालों ने कंधा देने से इंकार कर दिया।
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बता दें कि अम्ब उपमंडल के सूही गांव की रहने वाली उक्त महिला के दो बेटे हैं और अर्थी को कंधा देने के लिए चार लोगों की जरूरत थी। जब गाँव वालों ने कंधा देने से मना कर दिया तब बेटों ने प्रशासन से मदद ली और SDM ने उपमंडल मुख्यालय की चिंतपूर्णी संघर्ष समिति के 5 वालंटियर्स बुलाकर शव का अंतिम संस्कार कराया।
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महिला कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद होम आइसोलेट थी। सोमवार को उसकी मौत हो गई। बीमारी के खौफ के चलते गांव के पंचायत प्रधान और अन्य सभी लोगों ने अर्थी को कंधा देने से इन्कार कर दिया। जिसके बाद प्रशासन को अंतिम संस्कार हेतु आगे आना पड़ा। गौरतलब है कि एकतरफ बंदिशों के बावजूद लोग कोरोना को हल्के में लेकर बाहर घूम रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमित से भेदभाव कर इंसानियत को शर्मसार कर रहे हैं।
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