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पंजाब और पांवटा साहिब पुलिस द्वारा चलाए गए इस संयुक्त ऑपरेशन में फार्मा कंपनी के मनीष मोहन को भी हिरासत में लिया गया है, जिसे पुलिए अपने साथ ले गई है। बता दें कि बीते 18 मई को अमृतसर में 50,000 नशे के कैप्सूल के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इतनी भारी मात्रा में बरामद ट्रामा** दवा के बाद पंजाब पुलिस के भी होश उड़ गए थे।
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पूछताछ में पता चला कि दर्द के लिए बनी दवा जिसका इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जाता है वह पांवटा साहिब में तैयार हुई थी। बताया गया कि फैक्टरी मालिक उसका पूरा रिकॉर्ड नहीं दे पाया, जिसके बाद ड्रग डिपार्टमेंट का शक और गहरा गया। जांच के बाद अनियमितताएं भी पाई गई। फैक्ट्री में दवा का रॉ मैटीरियल वह तैयार दवाएं भी मौजूद थी।
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इसी के चलते पंजाब पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत इस मामले पर पांवट साहिब पुलिस के सहयोग से यह छापामारी की। पुलिस टीम कंपनी के दस्तावेजों को खंगाल रही है। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई गुरूवार देर रात तक जारी रही।
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मिल रही जानकारी के मुताबिक ट्रामाडोल के कैप्सूल और अल्प्राजोलम की गोलियां का उत्पादन इस कंपनी में हो रहा था। कंपनी के पास इस दवा को बनाने का लाइंसेंस मौजूद था, लेकिन इतनी भारी मात्रा में यहां नशे से जुडी दवाओं का उत्पादन हो रहा था। इसे देखकर ड्रग्स विभाग के भी होश उड़े हुए हैं।




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