हिमाचल में जानलेवा हुआ ब्लैक फंगस: IGMC में दो पीड़ित मरीजों की गई जान

Ticker

6/recent/ticker-posts

adv

हिमाचल में जानलेवा हुआ ब्लैक फंगस: IGMC में दो पीड़ित मरीजों की गई जान

शिमला। हिमाचल प्रदेश में जारी कोरोना वायरस के कहर के बीच प्रदेश सरकार ने हाल ही में ब्लैक फंगस को साल भर के लिए महामारी घोषित कर दिया है। इस सब के बीच सूबे में इस नई बीमारी के मामले भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं। वहीं, अब यह महामारी हिमाचल में भी गंभीर और जानलेवा रुख इख्तियार करती नजर आ रही है। ताजा अपडेट के अनुसार सूबे के बसे बड़े अस्पताल IGMC शिमला ब्लैक फंगस से पीड़ित दो मरीजों की मौत हो गई है। 

यह भी पढ़ें: हिमाचल: पुलिस को देख भागने लगा युवक, दौड़कर पकड़ा तो मिली ढाई लाख की चरस

बता दें कि हिमाचल में ऐसा पहली बार हुआ है जब ब्लैक फंगस से किसी की मौत हुई हो। गौरतलब है कि सूबे में अब तक ब्लैक फंगस के 8 मामले रिपोर्ट किए जा चुके हैं। इनमें से दो मरीजों की मौत होने की खबर सामने आई है। इसके अलावा तीन केस कांगड़ा टांडा मेडिकल कॉलेज में रिपोर्ट हुए थे। वहीं, तीन आईजीएमसी शिमला में सामने आए थे, जिनमें से अब दो की मौत हो गई है। मरीजों की मौत की पुष्टि आईजीएमसी के एमएस डॉक्टर जनक राज द्वारा की गई है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: जंगल में लकड़ी लेने गई महिला आग में झुलसी, दौड़ते हुए गांव आई लेकिन नहीं बची

मिली जानकारी के मुताबिक़, आईजीएमसी शिमला में इलाज के दौरान हमीरपुर और सोलन के कसौली क्षेत्र के मरीज की मौत हुई है। प्रशासन का दावा है कि दोनों मरीजों को डाइबिटीज कीटोसिडोसिस था और ब्लैक फ़ंगस ब्रेन तक पहुंच गया था। 39 साल का हमीरपुर का मरीज गुरुवार को ही शिमला रेफर किया गया था। वहीं, सोलन के कसौली का रहने वाला मरीज (49 साल) 22 मई को शिमला के आईजीएमसी अस्पताल में भर्ती हुआ था।

क्या बोले डॉक्टर

IGMC के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ जनक राज ने मौतों की पुष्टि करते हुए बताया कि ब्लैक फंगस से दो मरीजों की मौत हुई है। इनके दिमाग तक फंगस पहुंच गया था, जिस वजह से इनकी मौत हुई है। डॉ जनक राज ने कहा कि ब्लैक फंगस के चलते पांच मरीज अस्पताल में भर्ती थे, जिनका उपचार किया जा रहा था। 

यह भी पढ़ें: हिमाचली पति-पत्नी ने रिश्तेदार से की ठगी; PGI में नौकरी के नाम पर ऐंठ लिए 15 लाख

इनमें से दो मरीजों की मौत हुई है। ब्लैक फंगस से ग्रस्त मरीजों के लिए अलग से 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है, ताकि फंगस का संक्रमण दूसरे मरीजों को अपनी चपेट में न ले सके। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस के लिए मेडिसिन और आई विभाग के विशेषज्ञों के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम का गठन किया है, जो लगातार निगरानी रखे हुए है। इसके अलावा सभी मरीज़ों की टेस्टिंग करने  के बाद ऑपरेशन किया जा रहा है। इनमें सबसे पहले आई मरीज के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ