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जिसके बाद अब इस पूरे मामले को लेकर सीएम जयराम ठाकुर का बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए सरकार को पाबंदी लगाने पड़ी। क्योंकि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले अधिक संख्या में आ रहे थे। पिछले कुछ दिनों से राज्य में कोरोना संक्रमित की मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा था। जिसे देखते हुए सरकार ने कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए निर्णय लिया है।
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पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम जयराम ने कहा कि सरकार के लिए लोगों के जीवन की सुरक्षा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रदेश की जनता से कारोना कर्फ़्यू के बीच सहयोग करने और नियमों का पालना करने की अपील। सीएम ने आगे कहा कि सरकार को बिगड़ते हालात को देखते हुए लोगों की जान बचाने के लिए और पाबंदियां लगानी पड़ी।
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राज्य में आज से लॉक डाउन जैसी स्थिति, कारोना कर्फ़्यू का सख्ती से पालन, बाजार से लेकर सरकारी व निजी कार्यालय बंद हैं। नए दिशा-निर्देशों के तहत कारोबारी संस्थान बंद रहे। केवल ज़रूरी सामान की दुकानें केवल 3 घंटे तक के लिए खुली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वस्थ्य सुविधाओं की कोई कमी नहीं है। सरकार ने करो ना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया है।
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बकौल सीएम जयराम ठाकुर, ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने से लेकर अन्य स्वास्थ्य सामान उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भले ही हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामले अधिक है। लेकिन दूसरे राज्यों की तुलना में कम हैं, ऐसे में लोगों को किसी प्रकार से भयभीत होने की जरूरत नहीं है।
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