दरअसल, सीएम जयराम का गृह जिला होने के कारण यह सीट जहां बीजेपी के लिए अहम् हो जाती है। वहीं, अनिल शर्मा के परिवार की बगावत ने यहां की राजनीति में अलग रंग भर रखा है।
बैठक में मिला पूरा सम्मान, खुद सीएम को विदा करने कार तक गए
इस सब के बीच मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंगलवार को मंडी दौरे के दौरान शाम के समय डीआरडीए के सभागार में कोरोना को लेकर आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक शुरू हो चुकी थी और जिला के अधिकतर विधायक और अधिकारी बैठक में भाग ले रहे थे।
तभी बैठक कक्ष का दरवाजा खुला और अनिल शर्मा बैठक में पहुंच गए। अनिल शर्मा को स्वास्थ्य मंत्री के साथ वाली कुर्सी पर बैठाया गया और उन्होंने पूरी बैठक में हिस्सा लिया।
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बैठक के बाद वे सीएम ठाकुर के साथ उनकी कार तक आए। इसके बाद सीएम कुछ लोगों से मिले और सर्किट हाउस की तरफ रवाना हो गए। मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों से बातचीत में अनिल शर्मा ने बताया कि उन्हें एसी टू डीसी की तरफ से बैठक में आने का न्यौता मिला था और उसी न्यौते के तहत वे बैठक में शामिल होने आए थे।
उन्होंने कहा कि दूरियां और नजदीकियां राजनीति में होती हैं। जब बैठक में बुलाया जाएगा तो वे जाएंगे और यदि बुलाएंगे तो नहीं जाएंगे।
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वहीं उन्होंने बताया कि सीएम जयराम ठाकुर ने उनका और उनके पिताजी यानि पंडित सुखराम का हालचाल भी पूछा और इससे ज्यादा कोई बात नहीं हुई। गौरतलब है कि अनिल शर्मा मौजूदा समय में बीजेपी के विधायक हैं लेकिन बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद से उनका और भाजपा के बीच में काफी ज्यादा मनमुटाव चला हुआ है। चुनावों के दौरान यह मनमुटाव और भी ज्यादा उग्र हो जाता है।
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