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दरअसल, विधायकों की गाडिय़ों पर झंडी लगाने के फैसले पर चौतरफा विरोध हो रहा है। इस मसले को लेकर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री सहित दो अन्य विधायकों ने विरोध किया है। जबकि कुल्लू से कांग्रेस विधायक सुंदर ठाकुर और कांग्रेस के एक अन्य विधायक विधायक दल और पार्टी की प्रतिक्रिया के विपरीत बयान दे रहे हैं।
यहां पढ़ें कौन नेता क्या कह रहा
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कोरोना काल में लोगों की जान बचानी चाहिए। वह राजनीति में जनता की सेवा के लिए आए हैं, वीआइपी कल्चर के लिए नहीं। उन्होंने गाड़ी पर झंडी लगाने से इंकार किया था।
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इसी तरह कसुम्पटी से कांग्रेस विधायक एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी सचिव अनिरुद्ध सिह ठाकुर ने कहा कि कोरोना काल में कैबिनेट बैठक में ऐसा प्रस्ताव लाना गलत है। सरकार को लोगों की जान बचानी चाहिए न कि विधायकों की सुख सुविधा को बढ़ाना चाहिए। वह जब तक विधायक हैं तब तक गाड़ी पर झंडी नहीं लगाएंगे।
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इसी कड़ी में बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल व प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर ने भी गाडिय़ों पर झंडी लगाने के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि सरकार को अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ानी चाहिए। यह समय विधायकों की सुविधाएं बढ़ाने का नहीं है।
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जबकि इसके उलट कुल्लू से विधायक सुंदर ठाकुर व कांग्रेस के एक अन्य विधायक ने कहा कि यह मांग लंबे समय से चली आ रही थी। विधायकों की मांग पर सर्वदलीय बैठक में निर्णय के बाद सरकार ने इसे स्वीकार कर लिया है और अब इस पर बेवजह तूल नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि झंडी का मतलब वीआइपी कल्चर नहीं है बल्कि यह विधानसभा के सदस्य के तौर पर लोकतंत्र के स्तंभ का एक प्रतीक होगा।
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