जेलों की भीड़ कम करने पर समिति का फैसला
वहीं, दूसरी तरफ एक मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया गया है कि कोविड काल में हिमाचल प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या घटाने के लिए उन्हें शर्तों के साथ पैरोल देने की तैयारी है। पिछले साल जिन कैदियों को कोविड काल में 90 दिन के लिए घर भेजा गया था और वे अगर समय पर आत्मसमर्पण करते हैं, तो उनकी पैरोल को बढ़ाया जाएगा।
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बताया जा रहा है कि इस बार जिन कैदियों को पैरोल मिलेगी, उनका मेडिकल टेस्ट व कोविड नेगेटिव रिपोर्ट ली जाएगी। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेलों में ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने दी जाएगी। जेलों में बंद ऐसे कैदी, जिनकी सजा सात साल से कम है, उन्हें पैरोल पर घर भेजा जाएगा।
कुल्लू जेल में कोरोना की एंट्री
सब जेल में दो कैदी कोरोना पॉजिटिव आए हैं। पॉजिटिव निकलने के बाद दोनों कैदियों को कुल्लू सब जेल से कोविड केयर सेंटर में शिफ्ट कर दिया गया है।
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जानकारी के अनुसार कुल्लू सब जेल में जिन कैदियों की तबीयत खराब चल रही थी, उनका प्रोटोकॉल के हिसाब से चेकअप किया गया। साथ में कोरोना टेस्ट भी लिया गया, रिपोर्ट आने के बाद दो कैदी पॉजिटिव पाए गए हैं। लिहाजा अब जेल के बाकी कैदियों की भी कोरोना टेस्ट करवाए जाएंगे।
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